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Lakhimpur Kheri: अंतिम संस्कार से लौट रहे व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत

लखीमपुर-खीरी: लखीमपुर-खीरी के रेतिया फार्म निवासी 42 वर्षीय रंजीत सिंह उर्फ काके की सोमवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने भांजे के अंतिम संस्कार से लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक बल्लीपुर तिराहे पर पुलिस बैरिकेडिंग से टकरा गई। गंभीर रूप से घायल रंजीत सिंह को पलिया सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अंतिम संस्कार से लौटते समय हुआ हादसा: मझगई थाना क्षेत्र के गांव मुर्गहा के दक्षिण स्थित रेतिया फार्म निवासी रंजीत सिंह सोमवार सुबह करीब 9 बजे अपने भांजे के अंतिम संस्कार में शामिल होने महंगापुर गए थे। बल्लीपुर गदियाना निवासी एक परिचित की बाइक लेकर गए रंजीत देर रात लौट रहे थे, तभी बल्लीपुर तिराहे पर पुलिस बैरिकेडिंग से टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस से उन्हें पलिया सीएचसी भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई।
छोटे-छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया: रंजीत सिंह अपने पीछे पत्नी कुलदीप कौर और चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं—पुत्र अवजोत सिंह (7), शिवजोत (3), नवजोत सिंह (डेढ़ वर्ष) और नवनीत कौर (5 माह)। मासूम बच्चों को अभी यह भी समझ नहीं कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। पत्नी कुलदीप कौर का रो-रोकर बुरा हाल है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार, बुजुर्ग पिता पर बढ़ा बोझ: रंजीत सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले थे और मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते थे। उनकी मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति और दयनीय हो गई है। उनके 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता हरबंस सिंह पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, अब उन पर पोते-पोतियों की परवरिश की जिम्मेदारी भी आ गई है।
परिवार की बदहाल स्थिति को देखते हुए अब उनकी चिंता और बढ़ गई है कि बच्चों की परवरिश और घर का खर्च कैसे चलेगा। मझगई थाना प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।





