- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- डेंगू से जैन कन्या...
डेंगू से जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य किरण देवी का निधन

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से दुखद खबर सामने आई है। नई मंडी स्थित जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य और जिला भारत स्काउट एवं गाइड की संयुक्त सचिव किरण देवी का डेंगू के कारण निधन हो गया। करीब 50 वर्षीय किरण देवी ने सोमवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत, विद्यालय के शिक्षकों और स्काउट-गाइड संगठन में शोक की लहर दौड़ गई। वह पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं और डेंगू की पुष्टि होने के बाद उनका उपचार चल रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, किरण देवी 16 अक्टूबर से बुखार की समस्या से जूझ रही थीं। शुरुआत में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को सामान्य बुखार समझा, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर 19 अक्टूबर को जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बावजूद उन्होंने अपनी प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखा।
बताया गया है कि 25 अक्टूबर को आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पीईटी के लिए जैन कन्या इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। किरण देवी इस परीक्षा केंद्र की प्रभारी थीं। बुखार और डेंगू से पीड़ित होने के बावजूद उन्होंने केंद्र प्रभारी के रूप में दोनों पालियों की परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी निभाई।
उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा को लेकर विद्यालय से जुड़े लोग उन्हें याद कर रहे हैं। हालांकि, डेंगू जैसी बीमारी के दौरान पर्याप्त आराम और चिकित्सकीय निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है। गंभीर बीमारी के बावजूद काम जारी रखना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को परीक्षा संपन्न होने के बाद किरण देवी की तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद वह बरेली चली गईं, जहां उनका उपचार कराया गया। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने और स्थिति गंभीर होने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चलता रहा, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण सोमवार शाम उनका निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि के बाद परिवार के साथ ही विद्यालय परिसर में भी शोक का माहौल बन गया।
किरण देवी जैन कन्या इंटर कॉलेज से लंबे समय से जुड़ी थीं। विद्यालय की प्रवक्ता राखी कौशिक के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2012 में कॉलेज में प्रवक्ता के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। करीब 14 वर्षों तक उन्होंने शिक्षण कार्य और विद्यालय की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। इस दौरान वह छात्राओं की शिक्षा और विद्यालय की गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं।
एक अप्रैल 2026 को उन्होंने कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। प्रधानाचार्य बनने के बाद उन पर विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी जिम्मेदारी थी। परीक्षा संचालन, छात्राओं की गतिविधियों और अन्य कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
विद्यालय में अध्यापन से लेकर प्रधानाचार्य के पद तक पहुंचने का उनका सफर शिक्षा क्षेत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लंबे समय तक एक ही शिक्षण संस्थान में सेवाएं देने के कारण उनका विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं से गहरा जुड़ाव रहा।
किरण देवी शिक्षा के साथ सामाजिक और अनुशासनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय थीं। वह जिला भारत स्काउट एवं गाइड संगठन की संयुक्त सचिव थीं। उन्हें हाल ही में संगठन में यह जिम्मेदारी दी गई थी। स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के प्रयास किए जाते हैं।
उनके निधन के बाद वैदिक पुत्री पाठशाला इंटर कॉलेज में आयोजित होने वाला स्काउट-गाइड कैंप निरस्त कर दिया गया है। इस निर्णय को संगठन की ओर से दिवंगत प्रधानाचार्य के प्रति सम्मान और शोक की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
किरण देवी के निधन से स्काउट-गाइड संगठन को भी क्षति पहुंची है। वह संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। ऐसे में उनके असामयिक निधन से आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
पारिवारिक जानकारी के अनुसार, उनके पति सुदर्शन लाल शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी हैं। पूर्व में उनकी तैनाती मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र में रही है। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में उनका स्थानांतरण आगरा हुआ है। परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा करण यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहा है, जबकि छोटा बेटा किंशुक कक्षा 12 का छात्र है।
बताया गया है कि किरण देवी मूल रूप से शाहजहांपुर की रहने वाली थीं, जबकि उनकी ससुराल बरेली में है। उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर मंगलवार को मुजफ्फरनगर लाए जाने का कार्यक्रम तय किया गया। यहां वसुंधरा रेजिडेंसी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखने के बाद बरेली ले जाने और वहीं अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रधानाचार्य के निधन ने डेंगू जैसी बीमारी की गंभीरता की ओर भी ध्यान खींचा है। डेंगू मच्छरों के माध्यम से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और अस्पताल में उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि डेंगू की आशंका होने पर समय से जांच कराई जाए और चिकित्सक के निर्देशों का पालन किया जाए। बीमारी के दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ लेना, आराम करना और स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों पर नजर रखना जरूरी है। लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, रक्तस्राव या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
किरण देवी के निधन के बाद शिक्षा जगत में शोक का माहौल है। लंबे समय तक अध्यापन करने और विद्यालय का नेतृत्व संभालने वाली प्रधानाचार्य का असमय चले जाना उनके सहकर्मियों और छात्राओं के लिए दुखद है।
उनके परिचितों और विद्यालय से जुड़े लोगों के लिए यह विश्वास करना कठिन है कि कुछ दिन पहले तक परीक्षा और विद्यालय की जिम्मेदारियां संभालने वाली किरण देवी अब उनके बीच नहीं हैं। उनकी शैक्षणिक सेवाएं और स्काउट-गाइड संगठन में योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।





