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खेल महाकुंभ का आगाज, ईशाग्रामोत्सव में जुटीं पश्चिमी यूपी की ग्रामीण टीमें

मुजफ्फरनगर : ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को मुजफ्फरनगर में ईशाग्रामोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मंसूरपुर स्थित स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल के खेल मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेल प्रेमी और गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान सहित अन्य अतिथियों ने किया। ईशा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस खेल महाकुंभ को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को बड़े स्तर तक पहुंचाना है।
उत्तर भारत में पहली बार हो रहा आयोजन
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव की प्रेरणा से 'ईशाग्रामोत्सव' का आयोजन पिछले 17 वर्षों से दक्षिण भारत में किया जा रहा है। इस वर्ष पहली बार इसे उत्तर भारत के तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के चुनिंदा पांच जिलों में मुजफ्फरनगर को भी इस आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। मुजफ्फरनगर क्लस्टर में बिजनौर, शामली और सहारनपुर जिलों को भी शामिल किया गया है। इस प्रतियोगिता में ग्रामीण क्षेत्रों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।
45 टीमों ने पहले दिन दर्ज कराई उपस्थिति
आयोजकों के अनुसार मुजफ्फरनगर क्लस्टर के लिए कुल 56 टीमों का चयन किया गया था। प्रतियोगिता के पहले दिन इनमें से 45 टीमों ने मैदान पर उतरकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। खिलाड़ियों में मुकाबले को लेकर उत्साह और जोश देखने को मिला।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है, ताकि उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि गांवों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने की। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए इस तरह के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
खिलाड़ियों में दिखा उत्साह
ईशाग्रामोत्सव के शुभारंभ के मौके पर खिलाड़ियों और उनके समर्थकों में खासा उत्साह नजर आया। मैदान पर खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि यह आयोजन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और आने वाले समय में कई प्रतिभाएं बड़े खेल मंचों तक पहुंच सकेंगी।





