उत्तर प्रदेश

केशव प्रसाद मौर्य का SIR प्रक्रिया पर बयान: लोकतंत्र का पवित्र महायज्ञ, विपक्ष का विरोध बेमतलब

SHIDDHANT
10 Dec 2025 7:57 PM IST
केशव प्रसाद मौर्य का SIR प्रक्रिया पर बयान: लोकतंत्र का पवित्र महायज्ञ, विपक्ष का विरोध बेमतलब
x
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का पवित्र महायज्ञ है और चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सभी राजनीतिक दलों के लिए अनिवार्य है। मौर्य ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और SIR प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के लोग भी इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर जबकि वे सहयोग कर रहे हैं, वहीं बाहर सार्वजनिक रूप से इसका विरोध कर रहे हैं। मौर्य ने इस विरोध को बेमतलब और निरर्थक बताया और कहा कि इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
SIR प्रक्रिया के तहत निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्टों का गहन पुनरीक्षण किया जाता है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि, गलत नाम, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और अनुपस्थित मतदाताओं को सुधारने के लिए की जाती है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भाजपा के कार्यकर्ता SIR प्रक्रिया के सभी चरणों में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे हुए हैं। उनका कहना था कि विपक्ष का विरोध केवल राजनीतिक नफे के लिए है और इससे SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मौर्य ने मतदाताओं से भी अपील की कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने मतदाता विवरण की जांच करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब हर नागरिक वोटर सूची की सटीकता सुनिश्चित करने में योगदान देगा। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, SIR प्रक्रिया का विरोध अक्सर विपक्ष द्वारा सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने और अपनी राजनीतिक उपलब्धियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने इस बहस को स्पष्ट रूप से खत्म कर दिया कि भाजपा इस प्रक्रिया में पूरी तरह से सहयोगी और सक्रिय है।
वहीं, चुनाव आयोग ने सभी दलों को निर्देश दिया है कि वे इस गहन पुनरीक्षण में सहयोग करें और किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न करें। इस प्रक्रिया की सफलता के लिए सभी सरकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह से सक्रिय हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा किसी भी तरह के विरोध या आरोप को गंभीरता से नहीं ले रही है और लोकतंत्र की इस पवित्र प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
Next Story