उत्तर प्रदेश

केशव मौर्य ने लिया सख्त फैसला परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह सस्पेंड

Ratna Netam
17 Sept 2026 4:38 PM IST
केशव मौर्य ने लिया सख्त फैसला परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह सस्पेंड
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सुलतानपुर के परियोजना निदेशक **अशोक कुमार सिंह** को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश के बाद की गई। मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार लगातार सख्त रुख अपनाने का दावा करती रही है। इसी क्रम में सुलतानपुर परियोजना निदेशक के खिलाफ हुई कार्रवाई को प्रशासनिक लापरवाही और कार्यों की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, सुलतानपुर जिले से जुड़े विकास कार्यों और विभागीय कामकाज की समीक्षा के दौरान कुछ बिंदुओं को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्देश मिलने के बाद विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी करते हुए परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया।
हालांकि निलंबन के पीछे सामने आए सभी कारणों और आरोपों की विस्तृत जानकारी विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी
परियोजना निदेशक का पद जिले में विकास योजनाओं के संचालन और निगरानी से जुड़ा महत्वपूर्ण पद माना जाता है। ग्रामीण विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में परियोजना निदेशक की भूमिका अहम होती है।
विभागीय योजनाओं की प्रगति, अधिकारियों के साथ समन्वय और योजनाओं के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर होती है।
सरकार का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश सरकार समय-समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा करती रही है। सरकार की ओर से कई मौकों पर कहा गया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से समय-समय पर स्थानांतरण, निलंबन और विभागीय जांच जैसी कार्रवाई की जाती है।
विभागीय जांच में सामने आएगी स्थिति
निलंबन की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच की जाएगी। विभागीय जांच में संबंधित अधिकारी से जुड़े आरोपों, कार्यों और दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि मामल व्यवस्था में संदेश
अधिकारियों पर होने वाली कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के कदम के रूप में देखा जाता है। सरकारें समय-समय पर यह संदेश देने की कोशिश करती हैं कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सुलतानपुर परियोजना निदेशक के निलंबन के बाद जिले और विभागीय स्तर पर भी अधिकारियों के कामकाज को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल अशोक कुमार सिंह के निलंबन के बाद विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच रिपोर्ट और विभागीय निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद अब नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
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