उत्तर प्रदेश

Kazipur स्कूल की बदहाली, पानी में डूबा पूरा परिसर

Ratna Netam
11 July 2026 2:16 PM IST
Kazipur  स्कूल की बदहाली, पानी में डूबा पूरा परिसर
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Meerut मेरठ : दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के काजीपुर गांव स्थित ऐतिहासिक सरकारी विद्यालय इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है। कभी इस विद्यालय ने देश को डॉक्टर, न्यायिक अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर पहुंचने वाली कई प्रतिभाएं दी थीं, लेकिन वर्तमान में यह स्कूल भारी बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। विद्यालय परिसर में कई फीट तक पानी भर जाने से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार बारिश के बाद स्कूल का पूरा परिसर जलमग्न हो गया है। स्थिति यह है कि कक्षाओं के आसपास, खेल मैदान और आने-जाने वाले रास्तों पर पानी जमा हो गया है। जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया है कि छात्रों और शिक्षकों को विद्यालय परिसर में पहुंचने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बन गई है। पानी भरे परिसर में फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वहीं, अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ाई के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण होना जरूरी है, लेकिन वर्तमान हालात में बच्चों को जोखिम उठाकर विद्यालय आना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव केवल एक सामान्य समस्या नहीं है, बल्कि यह बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। इसके अलावा पानी में जहरीले कीड़ों और सांपों के निकलने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि काजीपुर का यह विद्यालय क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां से पढ़कर निकले कई विद्यार्थियों ने देश और समाज में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। ऐसे ऐतिहासिक विद्यालय की मौजूदा स्थिति देखकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस स्कूल ने कई सफल व्यक्तित्व तैयार किए, आज वही मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहा है।

ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय परिसर में स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल बारिश के मौसम में छात्रों को इस समस्या का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि शिक्षा के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वहीं, जलभराव के कारण विद्यालय की नियमित गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। शिक्षकों को भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ऐतिहासिक विद्यालय की स्थिति सुधारने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे, ताकि यहां पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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