उत्तर प्रदेश

Kaushambi: ट्रैफिक सिपाही ने महिला को बचाने की कोशिश में गंवाई जान

Admindelhi1
18 May 2025 1:34 PM IST
Kaushambi: ट्रैफिक सिपाही ने महिला को बचाने की कोशिश में गंवाई जान
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नहर में कूदे ट्रैफिक सिपाही की डूबने से मौत

कौशांबी: वैशाली सेक्टर चार स्थित हिंडन नहर में 17 मई की दोपहर करीब 12:30 बजे एक महिला की जान बचाने के प्रयास में ट्रैफिक सिपाही अंकित तोमर की जान चली गई। हादसा तब हुआ जब सेक्टर दो स्थित झुग्गी-झोपड़ी निवासी 23 वर्षीय आरती पति आदित्य से कलह के चलते नहर में कूद गई। महिला को बचाने के लिए सिपाही के साथ नहर में ट्रैफिक दरोगा धर्मेंद्र कुमार भी कूदे थे, लेकिन वह पानी से बाहर निकल आए। करीब एक घंटे सर्च अभियान के बाद गहराई से अंकित तोमर का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

कभी-कभी इंसानियत का कद वर्दी से भी ऊंचा हो जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ 17 मई की दोपहर। आरती जो मूल रूप से मेरठ के ग्राम सलावा की रहने वाली है और सेक्टर दो में पति आदित्य के साथ रहती है। दोनों ने करीब पांच-सात माह पहले ही प्रेम-विवाह किया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आदित्य ने उस पर गहने के साथ ही 10 हजार रुपये चोरी के आरोप लगाए थे। इसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थी और विवादों ने उन्हें इस हद तक पहुंचा दिया कि उन्होंने अपनी जान देने का फैसला कर लिया। तभी वह हिंडन नहर में कूद गईं। घटना के समय ड्यूटी पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार और सिपाही अंकित हिंडन नहर के पास ही तैनात थे। महिला को नहर में कूदते देख उसे बचाने के लिए दोनों बिना देर किए नहर में कूद गए। गोताखोरों की मदद से महिला को बाहर निकाल लिया गया, ट्रैफिक इंस्पेक्टर भी किसी तरह बाहर आ गए, लेकिन अंकित पानी में डूब गए। आशंका जताई जा रही है कि नहर में काफी दलदल वाली जगह भी हैं। अंदेशा है कि अंकित गहरे पानी के अंदर दलदल में फंसने की वजह से बाहर ही नहीं निकल पाए। करीब एक घंटे तक पुलिस और गोताखोरों की टीम ने हिंडन नहर में सर्च अभियान चलाया। इसके बाद सिपाही अंकित तोमर का शव बाहर निकाला गया। आखिरी उम्मीद के सहारे उन्हें तुरंत कौशांबी स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डीसीपी ट्रांस हिंडन एरिया निमिष पाटील ने बताया कि महिला को बचाने के लिए सिपाही अंकित नहर में कूदे थे, जिनकी बचाव कार्य के दौरान डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

अधूरा रह गया आईपीएस बनने का सपना: अंकित तोमर मूल रूप से अलीगढ़ के बरौला जाफरी गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में ट्रॉनिका सिटी में पत्नी शशि व पिता सूबे सिंह के साथ रहकर अपना खुद का घर बनवा रहे थे। वर्ष 2015 में वह उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस में भर्ती हुए थे। इसके बाद से ही वह पैतृक गांव छोड़कर गाजियाबाद आ गए थे। उनके चचेरे भाई संदीप तोमर ने बताया कि अंकित वर्तमान में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रहे थे। बताया कि अंकित हमेशा से आईपीएस बनने की बात कहते थे और वर्तमान में भी उनका यही सपना था कि उन्हें आईपीएस बनना था। उनका सपना अधूरा रह गया। उनके निधन की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। ट्रैफिक सिपाही अंकित तोमर ने न केवल वर्दी की शान बढ़ाई, बल्कि मानवता की मिसाल भी कायम की है। शासन की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। अंकित तोमर का बलिदान यह साबित करता है कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, बल्कि जरूरत पड़ने पर जान की बाजी लगाकर भी दूसरों की जान बचाने को तैयार रहती है।

परिवार का इकलौता सहारा थे सिपाही अंकित: पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में यातायात सिपाही के पद पर तैनात अंकित तोमर माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी एक बड़ी बहन है जिनकी शादी हो चुकी है। वहीं माता का भी कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। पिता सूबे सिंह के लिए वह इकलौता सहारा थे। अंकित की शादी भी करीब चार साल पहले गाजियाबाद निवासी शशि से हुई थी।

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