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कौशांबी हादसा: टोल प्लाजा पर LPG टैंकर ब्लास्ट, मची तबाही

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एलपीजी (LPG) गैस से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर टकरा गया और पलट गया। टक्कर के तुरंत बाद टैंकर में एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते उसने भीषण आग का रूप ले लिया। इस भयावह अग्नितांडव में टैंकर का चालक जिंदा जल गया, जबकि टोल प्लाजा के 5 कर्मचारियों समेत कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि टोल यार्ड में खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
ओवरटेक के चक्कर में डिवाइडर से टकराया टैंकर, मची तबाही
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह के समय ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ। एलपीजी से लदा यह टैंकर करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार में था। इसी दौरान सिहोरी टोल प्लाजा के पास संतुलन बिगड़ने के कारण टैंकर डिवाइडिंग लेन से बेहद मजबूती से टकराया और पलट गया।
टोल कर्मियों ने बताया कि हादसे से महज 10 मिनट पहले ही इलाके में हल्की बारिश हुई थी, जिससे सड़क पर फिसलन भी हो सकती है। गाड़ी के पलटते ही गैस का तीव्र रिसाव (Leakage) शुरू हो गया और कुछ ही सेकंड में एक महाविस्फोट के साथ पूरे इलाके में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि इसने पास ही स्थित टोल यार्ड और टॉयलेट ब्लॉक को भी अपनी चपेट में ले लिया।
हड्डियों के अवशेष मिलने से हुई चालक की मौत की पुष्टि
हादसे के बाद शुरुआत में यह अफवाह उड़ी थी कि टैंकर चालक गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा है। परंतु, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने जब करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, तब सच सामने आया। आग बुझने के बाद जब टैंकर के केबिन की जांच की गई, तो उसके भीतर चालक के हड्डियों के कुछ अवशेष बरामद हुए। आग की तीव्रता इतनी भयानक थी कि चालक का शरीर पूरी तरह से भस्म हो चुका था। फिलहाल मृतक चालक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
2 किलोमीटर दूर से दिख रही थीं लपटें, घायलों को प्रयागराज किया गया रेफर
विस्फोट के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसमान में काले धुएं का गुबार और आग की लपटें करीब 2 किलोमीटर दूर से ही साफ दिखाई दे रही थीं। डर के मारे टोल कर्मचारी और राहगीर इधर-उधर भागने लगे। हादसे के कारण हाईवे के दोनों ओर बसों और कारों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कौशांबी के पुलिस अधीक्षक (SP) सत्यनारायण प्रजापत ने मीडिया को बताया कि इस दुर्घटना में कुल 7 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 5 लोगों को जिला अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज रेफर कर दिया गया है, जबकि 2 अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। घायलों की पहचान आलोक सिंह (25), कृष्णपाल मौर्य (26), हीरामणि सिंह (27), अतुल मिश्रा (25), अनिल कुमार (35) और आलोक पांडे के रूप में हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और एक विशेष तकनीकी टीम को सूचित कर दिया गया है। यह टीम मौके पर पहुंचकर इस बात की सटीक जांच करेगी कि गैस रिसाव और ब्लास्ट किन तकनीकी कारणों से इतना त्वरित और भयावह हुआ।





