उत्तर प्रदेश

श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए छह दिसंबर को कार सेवा का ऐलान

Kavita2
9 Aug 2026 12:58 PM IST
श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए छह दिसंबर को कार सेवा का ऐलान
x

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह से जुड़े विवाद को लेकर संतों ने एक बार फिर अपनी मांग तेज करने का ऐलान किया है। गोवर्धन के जुलहैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान संतों ने घोषणा की कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए छह दिसंबर को जन्मस्थान पर कार सेवा की जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद संतों और अन्य लोगों ने इस संबंध में अपनी मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।

संतों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह से जुड़े विवाद के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्टट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। उनका कहना है कि मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और इसके जल्द समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत है।

हवन कार्यक्रम में हुई घोषणा

गोवर्धन के जुलहैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में आयोजित हवन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की गई।

इसी दौरान संतों ने छह दिसंबर को जन्मस्थान पर कार सेवा किए जाने की घोषणा की। संतों ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है और इसके लिए वे आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस मांग को लेकर एक ज्ञापन तैयार किया। ज्ञापन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की गई। इसके साथ ही विवाद के शीघ्र समाधान के लिए फास्टट्रैक कोर्ट बनाए जाने की मांग रखी गई।

विवाद के जल्द समाधान की मांग

संतों का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह से संबंधित विवाद का जल्द कानूनी समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय इसके लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

उनकी मांग है कि फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामले की सुनवाई तेज की जाए, ताकि संबंधित पक्षों को जल्द न्याय मिल सके। संतों ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से विवाद का समाधान होना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान इस मांग को लेकर तैयार किए गए ज्ञापन पर उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर किए। संतों ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई जाएगी।

छह दिसंबर को कार सेवा की घोषणा

संतों द्वारा छह दिसंबर को कार सेवा किए जाने की घोषणा के बाद इस मुद्दे को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि, कार सेवा से जुड़े कार्यक्रम और उसकी तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

संतों ने कार्यक्रम के दौरान अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार और न्यायपालिका से शीघ्र निर्णय की अपेक्षा जताई।

ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर

कार्यक्रम में तैयार किए गए ज्ञापन पर संतों और उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर किए। ज्ञापन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की गई।

संतों की ओर से कहा गया कि विवाद के निस्तारण के लिए फास्टट्रैक कोर्ट का गठन किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि विशेष अदालत के माध्यम से सुनवाई में तेजी लाई जा सकती है और लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान जल्द संभव होगा।

ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान उपस्थित लोगों ने अपनी मांग के समर्थन में सहमति जताई। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

न्यायिक प्रक्रिया पर जताया भरोसा

संतों ने अपनी मांगों के बावजूद विवाद के समाधान के लिए न्यायिक प्रक्रिया पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह से जुड़े मामले में न्यायालय के माध्यम से जल्द निर्णय आना चाहिए।

फास्टट्रैक कोर्ट की मांग इसी उद्देश्य से की गई है, ताकि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जा सके। संतों ने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

आगे बढ़ सकती हैं गतिविधियां

छह दिसंबर को प्रस्तावित कार सेवा की घोषणा के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर गतिविधियां बढ़ सकती हैं। संतों की ओर से इसे श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं, मामले से जुड़े विवाद का अंतिम समाधान न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित अदालतों के निर्णय पर निर्भर करेगा। ऐसे में फास्टट्रैक कोर्ट की मांग को लेकर संतों द्वारा सरकार के समक्ष ज्ञापन सौंपे जाने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गोवर्धन के जुलहैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान के साथ इस मुद्दे को लेकर संतों ने अपनी आगे की दिशा स्पष्ट की। छह दिसंबर को कार सेवा के ऐलान और फास्टट्रैक कोर्ट की मांग के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Next Story