उत्तर प्रदेश

कानपुर दौरा: PM मोदी के स्वागत को 50 स्टॉल, शर्बत-पानी की व्यवस्था

Ashish verma
29 May 2025 10:52 PM IST
कानपुर दौरा: PM मोदी के स्वागत को 50 स्टॉल, शर्बत-पानी की व्यवस्था
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PM मोदी के स्वागत को 50 स्टॉल

Kanpur.कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साधारण नहीं बल्कि जर्मन हैंगर तकनीक से बने पंडाल में 50 हजार लोगों से सीधे संवाद करेंगे। इस पंडाल पर आंधी-बारिश का कोई असर नहीं है, जबकि ऊंचाई अधिक होने के कारण गर्मी का असर भी कम है। इससे लोगों को गर्मी परेशान नहीं करेगी। अंग्रेजों के जमाने में बनी इमारतों से मिलती-जुलती डिजाइन, हवादार टेंट और मजबूत खंभे इसे और खास बनाते हैं। इससे प्रधानमंत्री पूरे समय बिना किसी रुकावट के लोगों से संवाद कर सकेंगे। दूरदराज से आए लाभार्थी, पार्टी पदाधिकारी और लोग अपने प्रधानमंत्री को आराम से सुन सकेंगे। सीएसए में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा तक पहुंचने के लिए पांच मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इन्हीं से लोग अंदर जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था में 200 कार्यकर्ता लगाए गए हैं।पानी के 100 टैंकर रहेंगे, जबकि पांच हजार कैंपर मंगवाए गए हैं। पार्किंग स्थलों से पंडाल तक पहुंचने के लिए 50 स्टॉल होंगे, जिसमें शर्बत, पानी और बताशा भी उपलब्ध रहेगा। 30 ब्लॉक में 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। गर्मी में किसी कार्यकर्ता, लाभार्थी या आम आदमी को परेशानी न हो, इसके लिए ओआरएस घोल की व्यवस्था की गई है।

150 से अधिक कूलर होंगे, जिससे पंडाल ठंडा रहेगा। नौतपा के दौरान पीएम की जनसभा के लिए आधुनिक व्यवस्था की गई है। एल्युमीनियम के मजबूत खंभों के सहारे खड़ा किया गया जर्मन हैंगर टेंट आंधी, बारिश और तूफान में भी सुरक्षित रहता है। इसकी डिजाइन ऐसी है कि इसमें अंदर-बाहर आना-जाना आसान है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर है। इसे नट बोल्ट की मदद से कसा जाता है।फिर इस पर एल्युमीनियम के मजबूत खंभे खड़े किए जाते हैं। एल्युमीनियम की बीम लगाई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार एल्युमीनियम लोहे से हल्का और मजबूत होता है। इससे टेंट बनाना और उतारना आसान होता है। पीएम और सीएम की रैलियां अब इसी टेंट में हो रही हैं। इसमें दो पंडाल बनाए गए हैं। पहला मुख्य पंडाल है, जिसके एक तरफ मुख्य मंच बना है। दूसरा पंडाल इसके बगल में बना है, जो इसके आधे क्षेत्रफल का है, जो ऊपर से पूरी तरह ढका हुआ है। इसके टेंट उन्नत और आधुनिक हैं। एल्युमिनियम फ्रेम उच्च गुणवत्ता का है और टेंट पीवीसी कोटेड पॉलिएस्टर फैब्रिक से बना है।पीएम की जनसभा में ये भी खास बातेंविभागीय लाभार्थियों को 522 बसों से लाया जाएगाअन्य योजना के लाभार्थियों के लिए 267 बसेंइस बार 789 बसों की व्यवस्था की गई है।24 पार्किंग स्थल, जिसमें 1600 कार और 1500 बसों की पार्किंग की व्यवस्था है।

12 चिह्नित पार्किंग स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था।पार्किंग स्थलों पर जनसभा स्थल तक पहुंचने की दूरी बताने वाले संकेतक बोर्ड।नगर निगम के सीसीटीवी कैमरों से 3 जनसभा स्थलों के पास पार्किंग स्थलों की निगरानी।सीएसए और एचबीटीयू पार्किंग स्थलों पर एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम की तैनाती।105 ग्रामीण क्षेत्रों और 45 शहरी क्षेत्रों में लाभार्थियों को लाने के लिए पिकअप प्वाइंट बनाए गए हैं।10 विकास खंडों से 391 बसों में 19515 लाभार्थियों को लाया जाएगा। 1173 अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर हैं।117 बसों में 8089 लाभार्थियों को शहरी क्षेत्रों से लाया जाएगा। 234 अधिकारी और कर्मचारी लगे हैं।तीन अलग-अलग फर्मों के जरिए 40 हजार लंच पैकेट बांटे जाएंगे।कई बार बदले गए उद्घाटन और शिलान्यास प्रोजेक्टपहलगाम आतंकी हमले के कारण 24 अप्रैल को कार्यक्रम रद्द होने के बाद शुक्रवार को पीएम मोदी के आगमन तक उद्घाटन और शिलान्यास किए जाने वाले विकास प्रोजेक्ट कई बार बदले गए हैं।चार नई परियोजनाओं में खुर्जा, ओबरा और जवाहरपुर तापीय परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ ही बिठूर में अग्निशमन केंद्र के आवासीय भवनों को जोड़ा गया। दक्षिण में 100 बेड के अस्पताल का उद्घाटन हटा दिया गया। इसके चलते पीएम मोदी 47,664 करोड़ रुपये की जगह 47,573.89 करोड़ रुपये की 15 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।


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