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कानपुर। कानपुर नगर निगम में सामने आए कथित टेंडर घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बुधवार को मोतीझील स्थित नगर निगम के मुख्यालय पहुंची। एडीसीपी प्रभारी अर्चना सिंह के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने नगर निगम के अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और भुगतान संबंधी फाइलें मांगी हैं। फिलहाल टीम हॉट मिक्स प्लांट से संबंधित रिकॉर्ड की सघन जांच में जुटी है।
SIT की इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े कार्यों में टेंडर जारी करने से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं। दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
मुख्य अभियंता से मांगे दस्तावेज
जांच टीम ने नगर निगम के मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी से हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा उन फाइलों को भी जांच के लिए लिया गया है, जिनमें संबंधित कार्यों के भुगतान का विवरण दर्ज है।
SIT अधिकारियों की नजर विशेष रूप से उन दस्तावेजों पर है, जिनसे टेंडर की प्रक्रिया, काम का आवंटन, कार्य की प्रगति, बिलों के सत्यापन और भुगतान की स्थिति की जानकारी मिल सकती है। जांच टीम दस्तावेजों के बीच आपसी मिलान कर यह समझने का प्रयास कर रही है कि पूरी प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई।
टेंडर प्रक्रिया की जांच पर फोकस
नगर निगम में किसी भी विकास कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया के तहत कई स्तरों पर औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इसमें टेंडर जारी करना, निविदाएं प्राप्त करना, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, कार्यादेश जारी करना और काम पूरा होने के बाद भुगतान जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
कथित टेंडर घोटाले की जांच के दौरान SIT इन सभी चरणों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। टीम यह देख सकती है कि संबंधित टेंडर में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं और जिस एजेंसी या ठेकेदार को काम मिला, उसे लेकर प्रक्रिया पारदर्शी थी या नहीं।
इसके साथ ही कार्य के बदले किए गए भुगतान और उपलब्ध दस्तावेजों के बीच भी मिलान किया जा रहा है। यदि रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति मिलती है तो जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है।
भुगतान फाइलें भी जांच के दायरे में
SIT ने भुगतान से संबंधित फाइलें भी मांगी हैं। जांच के लिहाज से भुगतान रिकॉर्ड काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह पता लगाया जा सकता है कि किस कार्य के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई और वास्तव में कितना भुगतान किया गया।
टीम भुगतान से जुड़े दस्तावेजों, बिलों और संबंधित स्वीकृतियों की जांच कर रही है। इसके जरिए यह भी देखा जा सकता है कि भुगतान से पहले आवश्यक सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं।
यदि किसी स्तर पर भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण
जांच में हॉट मिक्स प्लांट से संबंधित दस्तावेजों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों में हॉट मिक्स प्लांट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में प्लांट से संबंधित कार्यों, सामग्री, उपयोग और भुगतान के रिकॉर्ड से जांचकर्ताओं को पूरे मामले की तस्वीर समझने में मदद मिल सकती है।
SIT यह भी देख सकती है कि दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और वास्तविक कार्य के बीच कोई अंतर तो नहीं है। इसके लिए आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा सकती है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित अनियमितता में किस स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है। टेंडर प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े काम कई विभागीय स्तरों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में SIT दस्तावेजों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर सकती है।
किस अधिकारी ने किस दस्तावेज को मंजूरी दी, किस स्तर पर तकनीकी परीक्षण हुआ और भुगतान से पहले किसने बिलों का सत्यापन किया—इन सभी पहलुओं की जांच की जा सकती है।
हालांकि, फिलहाल SIT की ओर से जांच के निष्कर्षों को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं।
दस्तावेजों की सघन जांच जारी
नगर निगम मुख्यालय पहुंची SIT टीम फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज या प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड को नजरअंदाज न किया जाए।
दस्तावेजों के आधार पर टेंडर से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को क्रमवार समझने की कोशिश की जा रही है। यदि रिकॉर्ड में कोई कमी या विरोधाभास मिलता है तो संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
जांच आगे बढ़ने के साथ बढ़ सकती है कार्रवाई
SIT की वर्तमान कार्रवाई को जांच की प्रारंभिक लेकिन महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है। दस्तावेजों की जांच के बाद टीम संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर ठेकेदारों या संबंधित एजेंसियों से भी जानकारी ली जा सकती है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। यदि वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल SIT ने मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में डेरा डालकर हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े दस्तावेज और भुगतान फाइलों की जांच शुरू कर दी है। मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी से रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद अब जांचकर्ताओं की नजर उन दस्तावेजों पर है, जिनसे कथित टेंडर घोटाले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
नगर निगम से जुड़े इस मामले में SIT की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे टेंडर प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है। फिलहाल पूरा ध्यान दस्तावेजों की जांच और कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने पर है।





