उत्तर प्रदेश

कानपुर बाढ़: गंगा का जलस्तर बढ़ा, 150 परिवार टेंट में शिफ्ट

Triveni
10 Sept 2025 6:51 AM IST
कानपुर बाढ़: गंगा का जलस्तर बढ़ा, 150 परिवार टेंट में शिफ्ट
x

कानपुर बाढ़: बाढ़ में 150 परिवारों का आशियाना बना बाढ़, बाढ़ में डूबे 150 परिवार; दो हजार घरों में छोड़ा पानी गंगा का प्रबंध और बढ़ गया है। कटरी, बिठूर और शहरी क्षेत्र के 22 हिस्से टूटे हुए हैं। फ़सलें जलमग्न हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ा: बाढ़ ने 150 परिवारों के घरों को तंबू में तब्दील कर दिया बाढ़ से कानपुर का कटरी क्षेत्र जलमग्न-

लगातार बारिश, नरौरा बांध और हरिद्वार से पानी छूटने के कारण मंगलवार को गंगा का जलस्तर 114.96 मीटर तक पहुंच गया है। यह बैराज पर खतरे का निशान 115 मीटर से सिर्फ चार साल की दूरी पर है। इस सीज़न में पहली बार बैराज पर गंगा का डंका इस बिंदु पर पहुंचाया गया है। 22 हजार से अधिक घरों में पानी घुस गया है। लोगों ने गंगा बैराज में आतंक और बाढ़ शरणालयों में शरण ली है।

सोमवार दोपहर को गंगा का जलस्तर 114.87 मीटर था। रात होती है होती है में 9 दोस्त और समूह हो गए। इससे ख्योरा कटरी, बिठूर कटरी और शहरी क्षेत्र के करीब 22 कश्मीर में हालात और बुरे हो गए। बिठूर और कटरी क्षेत्र के करीब 15 बस्ती के दो हजार घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। सोमवार रात को बाढ़ के पानी ने बिठूर कटरी के प्रतापपुर हरी, ईश्वरीगंज, पपरिया, हिंदूपुर को भी चोटी में ले लिया। पहले से ही बाढ़ की चपेट में भगवानदीनपुरवा, भोपालपुरवा, लक्ष्मणपुरवा, गिल्लीपुरवा, बनियापुरवा, दुर्गापुरवा, मक्कापुरवा के अलावा बिठूर कटरी के तिसजा, नया दल्लापुरवा, पुराना दल्लापुरवा, हृदयपुर, चिरान में लाखों और हजारों लोग चले गए। करीब 25 हजार की आबादी में बाढ़ का खतरा। दो हजार से अधिक जंगली खेत में लगी सब्जी की फसल पानी में डूब गई। लगभग 150 परिवारों ने गंगा बैराज पर अंतिम अवकाश शरण ली सहित गृहस्वामी और भिक्षुणी रखी है।

वर्ष 2012 में गंगा बैराज से हिंदूपुर गांव तक गंगा किनारे से श्रीलाल बांध का प्रस्ताव रखा गया था। करीब 12 साल तक चलने के बाद भी अंतिम बांध नहीं बना। अगर यह बांध बन जाता तो यह नौबत न आती। अशोक नोशाद ने बताया कि बांध के लिए दो साल पहले 200 करोड़ रुपये शासन से पास हुए थे लेकिन काम अटक गया।

Next Story