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Kanpur: डिजिटल अरेस्ट ठगी गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया

कानपुर: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने "ऑपरेशन चक्र-वी" के तहत एक बड़े साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई में यूपी समेत देश के कई राज्यों में 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान सरकार के अनुरोध पर दर्ज एक डिजिटल गिरफ्तारी केस की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। जांच के तहत एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और मुंबई से दो-दो ठगों को हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में बैंक खाते विवरण, डेबिट कार्ड, चेकबुक, रसीदें और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
गहन जांच और हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल
सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, एजेंसी ने अपराधियों की पहचान के लिए उन्नत तकनीकी जांच, डेटा विश्लेषण और साइबर ट्रेसिंग जैसे उपायों का सहारा लिया। मुरादाबाद, संभल (उत्तर प्रदेश), कृष्णानगर (पश्चिम बंगाल), मुंबई और जयपुर में छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई।
7.67 करोड़ की ठगी, 42 किस्तों में वसूली
जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने एक पीड़ित को तीन महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और खुद को विभिन्न सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराया-धमकाया। इस दौरान आरोपी पीड़ित से 42 किस्तों में कुल 7.67 करोड़ रुपये वसूल चुके थे।
गिरोह के खिलाफ बहुआयामी जांच रणनीति
सीबीआई ने कहा कि एजेंसी इस प्रकार के साइबर अपराधों के बुनियादी ढांचे को खत्म करने पर जोर दे रही है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
यह कार्रवाई दिखाती है कि डिजिटल ठगी जैसे आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए एजेंसियां अब और भी सक्रिय और तकनीकी रूप से सशक्त हो रही हैं।





