- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Kaiserganj: बृजभूषण...
Kaiserganj: बृजभूषण शरण सिंह ने छात्र और शिक्षक समुदाय को किया जागरूक

गोंडा: कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला कानून बताया और सरकार से तत्काल वापस लेने की अपील की। उन्होंने चेताया कि यदि कानून को वापस नहीं लिया गया, तो समाज के सभी वर्गों को शामिल करके बड़ा आंदोलन किया जाएगा।Hindi news subscription
पूर्व सांसद ने बच्चों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके घर में अनुसूचित, ओबीसी और सवर्ण समाज के बच्चे सभी साथ खेलते और खाते हैं, और यह कानून ऐसा माहौल बनाता है कि कुछ जातियों के लोग प्रवेश न कर पाएं। उन्होंने कहा कि समाज को चलाना दफ्तरों में बैठकर नहीं, बल्कि गांव जाकर देखा जाता है।
बृजभूषण शरण सिंह ने सवर्ण समाज से अपील की कि वे पिछड़े और दलित समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ मिलकर इस कानून का विरोध करें। उन्होंने ‘सनातन वाटिका’ का उदाहरण देते हुए कहा कि 52 जातियों और समाजों के धर्मगुरुओं के सहयोग से इसे विकसित किया गया, लेकिन सरकार ने कानून बनाकर उस सामाजिक समरसता मिशन को नुकसान पहुँचाया।
पूर्व सांसद ने कहा कि अगर कोई बच्चा या व्यक्ति गलती करता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति का हो। केवल एक जाति को आरोपी बनाना सही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस कानून के पूर्ण विरोध में हैं और जरूरत पड़ने पर सभी जातियों और वर्गों के लोगों को साथ लेकर आंदोलन करेंगे।
उनके बेटे और वर्तमान सांसद करण भूषण सिंह ने भी सोशल मीडिया पर यूजीसी नियम को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने नियमों के निर्माण में कोई योगदान नहीं दिया और जन भावना का सम्मान करते हुए आवश्यक सुधार की मांग की। उनके बड़े भाई और विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने भी मंगलवार को यूजीसी के नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।





