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Meerut में करोड़ों की ठगी का मामला, ज्योति त्यागी पर लगे आरोप

Meerut मेरठ : जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ज्योति त्यागी पर 3 करोड़ 50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रविंद्र गुर्जर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आरोप लगाया कि ज्योति त्यागी द्वारा उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उन्हें अलग-अलग माध्यमों से गुमराह किया गया और मुकदमे की कार्रवाई को प्रभावित करने तथा नाम हटवाने का आश्वासन देकर कथित रूप से भ्रमित किया गया।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष और गहन जांच बेहद जरूरी है। रविंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि यदि मामले की सही तरीके से जांच की जाती है तो कथित धोखाधड़ी से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकता है और दोषियों की पहचान हो सकेगी।
जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए, जिससे किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों में निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है, क्योंकि ऐसे मामलों में कई महत्वपूर्ण तथ्य जांच के दौरान ही सामने आते हैं।
रविंद्र गुर्जर ने कहा कि कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अगर उचित कार्रवाई की जाती है तो इससे आम लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले में किसी भी तरह का दबाव या प्रभाव स्वीकार न किया जाए और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस स्तर पर भी अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर अब पुलिस और संबंधित अधिकारियों की भूमिका अहम होगी। जांच के दौरान दस्तावेजों, लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। फिलहाल आरोप और दावों के बीच निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है। पुलिस की जांच और कार्रवाई के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामले में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।





