उत्तर प्रदेश

जूडो खिलाड़ी से दुष्कर्म का मामला, अदालत ने सुनाई अंतिम सांस तक की सजा

Saba Naaz
21 Jun 2025 6:20 PM IST
जूडो खिलाड़ी से दुष्कर्म का मामला, अदालत ने सुनाई अंतिम सांस तक की सजा
x
Meerut मेरठ : न्यायालय ने 10 साल की मासूम जूडो खिलाड़ी के साथ की गई अमानवीय हरकत के दोषी कोच को ऐसी सजा सुनाई है, जो मिसाल बन सकती है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट-2) संगीता ने आरोपी को शेष जीवन तक जेल में रखने और 50 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश सुनाया।
दोषी कोच मनीष उर्फ मैक्स मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित अनूपनगर फाजलपुर का रहने वाला है। यह वारदात स्कूल परिसर में हुई थी, जहां बच्ची जूडो अभ्यास के लिए जाती थी। मेरठ में 10 साल की मासूम जूडो खिलाड़ी से स्कूल में दुष्कर्म करने के दोषी कोच मनीष उर्फ मैक्स को कोर्ट ने अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। न्यायालय अपर जिला जज पॉक्सो अधिनियम-2 संगीता ने दोषी को 50 हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने का भी आदेश दिया है। दोषी कोच कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के अनूपनगर फाजलपुर का निवासी है।
अभियोजन के अनुसार पीड़ित जूडो खिलाड़ी के पिता ने 10 जून 2023 को कंकरखेड़ा थाने पर जूडो-कराटे के कोच मनीष उर्फ मैक्स के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी 10 साल की बेटी एक स्कूल में पढ़ती थी। वह जूडो की जूनियर लेवल की खिलाड़ी थी। उसके स्कूल में ही जूडो कराटे की कोचिंग कराई जाती थी। वह चार साल से कोचिंग ले रही थी। अनूपनगर फाजलपुर निवासी मनीष उर्फ मैक्स वहां पर कोच था। दो जून 2023 की शाम को मासूम खिलाड़ी अपने 11 साल के भाई के साथ कोचिंग के लिए गई थी। वहां कोच मनीष ने उसके भाई समेत अन्य को बाहर भेज दिया।
इसके बाद कोच ने गार्डरूम में ले जाकर बेटी से दरिंदगी की। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दो महीने में ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाया। जनहित फाउंडेशन की अध्यक्ष अनीता राणा ने बताया कि संस्था ने भी पीडि़त पक्ष की यथासंभव मदद की।
जूडो खिलाड़ी के अचेत होने पर दुष्कर्मी कोच मनीष उर्फ मैक्स वारदात की शाम को उसके घर छोड़ने गया था। परिजनों के पूछने पर उसने बताया था कि पीड़िता को खेल के दौरान गंभीर चोट लगी है। परिजन और परिचित मासूम को लेकर तीन अस्पतालों में चक्कर काटते रहे, मगर होश नहीं आया। गंभीर हालत में पीड़िता कुछ नहीं बता पाई। बाद में उसे चौथे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां आठ दिन बाद पीड़िता को होश आया। तब परिजनों को कोच की करतूत बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण पीड़िता को गोद में लेकर कंकरखेड़ा थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया। रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस ने पांच दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
Next Story