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- जौनपुर में नौकरी गैंग...

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने और बंधक बनाकर उनसे जबरन पैसे वसूलने वाले एक फर्जी कंपनी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर में संचालित एक कथित कंपनी के दफ्तर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी पहले से ही एक अन्य मामले में जेल में बंद है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के देवगौड़ा थाना क्षेत्र के सेवाखेरा बिजरौन निवासी अभिषेक पाल की शिकायत के आधार पर की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे नौकरी का झांसा देकर जौनपुर लाया गया और बाद में एक कमरे में बंधक बनाकर उससे हजारों रुपये की वसूली की गई।
अभिषेक पाल ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले उसकी मुलाकात मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी पतिराम जाटव से हुई थी। पतिराम ने उसे बताया कि उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक कंपनी बेरोजगार युवाओं को नौकरी दे रही है। उसने दावा किया कि कंपनी में चयन होने पर हर महीने 22 हजार रुपये वेतन मिलेगा। अच्छी नौकरी की उम्मीद में अभिषेक उसके साथ जौनपुर पहुंच गया।
पीड़ित के मुताबिक, उसे केशवपुर स्थित ‘रायल हेल्थ इंडिया एमएस अर्थ एसोसिएट’ नामक कंपनी के दफ्तर में ले जाया गया। वहां राहुल राजभर और उमा देवी रैकवार मौजूद थे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक हजार रुपये लिए और इसके बाद 27 हजार रुपये नकद जमा करा लिए। इसके बाद उसे नौकरी देने का भरोसा दिलाया गया।
हालांकि, कुछ समय बाद उसे पता चला कि वह अकेला पीड़ित नहीं है। वहां कई अन्य बेरोजगार युवकों को भी नौकरी का झांसा देकर रखा गया था। आरोप है कि युवकों को आपस में बातचीत करने से रोका जाता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। पीड़ितों से कथित तौर पर 28-28 हजार रुपये तक की वसूली की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि सुल्तानपुर के पंकज कुमार, झांसी के राजेश कुमार, देव वर्मा, लखनऊ के सचिन तिवारी, मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी अनिल कुमार अहिरवार और निधि प्रजापति समेत कई अन्य लोग भी इस कथित फर्जी कंपनी के शिकार हुए थे। सभी को नौकरी का लालच देकर यहां लाया गया था।
पीड़ितों ने बताया कि शुक्रवार रात किसी तरह मौका मिलने पर वे वहां से निकलने में सफल हुए। इसके बाद शनिवार को उन्होंने गौराबादशाहपुर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
थाना प्रभारी गंगा सागर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुराग के आधार पर रविवार दोपहर कार्रवाई करते हुए पतिराम जाटव को गिरफ्तार कर लिया। उसे शीतला कॉलोनी स्थित एक भवन से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे चालान कर दिया है।
वहीं, पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी राहुल राजभर पहले से ही लाइन बाजार थाना क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे के कारण जेल में बंद है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस फर्जी कंपनी के माध्यम से कितने युवाओं को ठगा गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। युवाओं से भी अपील की गई है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के लिए पैसे जमा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि वे ऐसे फर्जीवाड़े का शिकार होने से बच सकें।





