उत्तर प्रदेश

Jhansi: झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर 10 में से आठ लड़के नहीं बचा पाए जमानत

Admindelhi1
10 Jun 2024 7:47 AM GMT
Jhansi: झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर 10 में से आठ लड़के नहीं बचा पाए जमानत
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आठ प्रत्याशी दस हजार आंकडा भी पार नहीं कर सके वट नोटा तक भी नहीं पहुंच सके.

झाँसी: झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर ताल ठोंक रहे पहलवान उम्दा प्रदर्शन करने में मात खा गए. भगवा और पंजे के बीच कांटेदार और रोचक मुकाबला देखने को मिला. आखिरकार में सुगंध बरकार रही. वहीं कांग्रेस को छोड़ दिया जाए तो 10 में 8 सूरमा अपनी जमानत जब्त करा बैठे. यह कुल वोटों का छठवां भाग भी हासिल नहीं कर सके. खास बात है कि आठ प्रत्याशी दस हजार आंकडा भी पार नहीं कर सके वट नोटा तक भी नहीं पहुंच सके.

झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर कुल 21 लाख 61 हजार 221 मतदाता थे. जिसमें से 11 लाख 37 हजार 527 पुरुष, 10 लाख 23 हजार 586 महिला यानी 20 मई को कुल 13 लाख 79 हजार 063 वोटों ने अपना फैसला सुनाया था और देर शाम तक भाजपा के अनुराग शर्मा690316 वोट पाकर वजयी घोषित हुए. वहीं गठबंधन कांग्रेस के प्रदीप जैन आदित्य 587702 वोट मिले.

इनके अलावा अन्य कोई प्रत्शायी कुछ वोटों का छठवां भाग नहीं पा सका. जबकि इसके लिए 230084.333 वोटों की जरूरत थी. बसपा के रवि प्रकाश कुशवाहा 63192 वोट पाकर जरूर तीसरे स्थान पर रहे. लेकिन, वह अभी अपनी जमानत राशि नहीं बचा सके. चंदन सिंह अपना दल (कमेरावादी) 2491, दीपक कुमार वर्मा अल हिंद पार्टी 1377, इंद्रसिंह निर्दलीय 2078, गनेशराम निर्दलीय 2575, धर्मेंद्र प्रताप निर्दलीय 2303, रमेश निर्दलीय 6338, लखन लाल निर्दलीय 6832 वोट पा सक थे. खास बात यह रही थी कई प्रत्याशी तो ऐसे रहे जो नोटा तक भीर नहीं पहुंच सके. नोटा पर 15302 वोट पड़े.

57 में शुरू हुआ था जमानत जब्त का सिलसिला 1957 के रण से जमानत जब्त का सिलसिला शुरू हुआ था. तब कांग्रेस से सुशीला नैय्यर, कम्यूनिस्ट पार्टी से चंदन सिंह, जनसंघ से रघुवर दयाल थे. पहली बार रघुवर दयाल की जमानत राशि जब्त हुई थी. 1962 में भी तीन प्रत्याशी मैदान में थे. इस बार भी रघुवर दयाल कुल वोट छठवां भाग नहीं पा सके थे. 1967 में सी चंद्र की जमानत राशि जब्त हुई थी. 1971 में दो उम्मीदवार कुल वोट का छठवां भाग भी नहीं पा पाए थे. 1977 पहली बार दो प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी.

एनसी तिवारी समेत 40 की हुई थी जमानत जब्त झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर 1996 का चुनाव बेहद खास था. यूपी के तीन और एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी भी मैदान थे. खास बात यह थी कि चुनाव में किस्मत आजमाने 45 उम्मीद उतरे थे. जिसमें एनडी तिवारी समेत 40 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई थी. 163836 वोटर पाकर राजेंद्र अग्निहोत्री दिल्ली पहुंचे थे. 12 लाख से अधिक वोटरों में से 670131 ने वोट दिया था. सपा के हरगोविंद कुशवाहा दूसरे स्थान पर रहे थे.

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