उत्तर प्रदेश

मस्जिद और मदरसों की सुरक्षा को लेकर IUML का मसौदा राष्ट्रपति को सौंपा, बढ़ते ध्वंस पर चिंता व्यक्त

SHIDDHANT
6 Dec 2025 10:28 PM IST
मस्जिद और मदरसों की सुरक्षा को लेकर IUML का मसौदा राष्ट्रपति को सौंपा, बढ़ते ध्वंस पर चिंता व्यक्त
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Moradabad मोरादाबाद: भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना कोसर हयात खान ने बताया कि आज देशभर में हर साल की तरह ‘मस्जिद सुरक्षा दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर संगठन ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ हो रही सरकारी कार्रवाइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। मौलाना कोसर हयात खान ने कहा, "हमारा यह दिवस धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा और उनके संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन हम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हैं, जिसमें यह बताने का प्रयास किया गया है कि कुछ मस्जिदों और मदरसों को ढहाया जा रहा है, जबकि कुछ पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद हमें न्यायालयों से कोई संरक्षण नहीं मिल रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ यह कार्रवाई न केवल धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक शांति और सामुदायिक एकता के लिए भी खतरा है। मौलाना ने कहा, "धार्मिक संस्थानों का उद्देश्य केवल शिक्षा और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि ये समाज में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का भी कार्य करते हैं। उनके विरुद्ध कोई भी अनुचित कार्रवाई पूरे समाज को प्रभावित करती है। इस अवसर पर IUML ने जोर दिया कि मस्जिदों और मदरसों को कानूनी रूप से उचित संरक्षण प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। मौलाना ने कहा, "हमारा ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपना इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि सरकार और न्यायालय इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।"
मौलाना कोसर हयात खान ने आगे कहा कि IUML लगातार इस दिशा में काम कर रहा है और हर साल मस्जिद सुरक्षा दिवस के माध्यम से समाज के सभी वर्गों में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाता है। उनका कहना था कि यह केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थानों के संरक्षण और उनके अस्तित्व को सुरक्षित रखने का वास्तविक प्रयास है। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ होने वाली किसी भी अनुचित कार्रवाई को रोका जाए और सभी धार्मिक संस्थानों को उनके अधिकार और संरक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि IUML इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रखेगा और जरूरत पड़ने पर न्यायिक और कानूनी रास्तों का सहारा भी लिया जाएगा।
मस्जिद सुरक्षा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय के लोग, मुस्लिम संगठन और नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने मस्जिदों और मदरसों के संरक्षण और उनके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा की स्वतंत्रता सभी नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस तरह मोरादाबाद में आयोजित मस्जिद सुरक्षा दिवस ने देशभर में धार्मिक संस्थानों के संरक्षण और उनके महत्व पर एक मजबूत संदेश दिया, साथ ही सरकार और न्यायालयों से संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की गई।
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