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IPS तरुण गाबा संभालेंगे लखनऊ की कमान, CBI से भी जुड़ा रहा है करियर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 15 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में लखनऊ और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहरों के पुलिस कमिश्नर भी बदले गए हैं। शासन ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया है।
सरकार ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त अमरेंद्र के. सेंगर को नई जिम्मेदारी देते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (आसूचना) के पद पर तैनात किया है। वहीं, अब लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को नियुक्त किया गया है। इससे पहले तरुण गाबा अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर कार्यरत थे।
2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में दूसरी बार जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले भी वह लखनऊ में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। गाबा मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और अपनी तकनीक आधारित पुलिसिंग, प्रशासनिक क्षमता और शांत कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
तरुण गाबा का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदार पदों पर काम किया है। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग में सचिव स्तर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी पकड़ को देखते हुए उन्हें लखनऊ जैसे बड़े पुलिस कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है।
तरुण गाबा जून 2024 में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर बनाए गए थे। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने महाकुंभ-2025 की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। प्रयागराज जैसे बड़े धार्मिक आयोजन वाले जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई स्तरों पर योजनाएं तैयार की थीं।
पुलिस विभाग में तरुण गाबा की पहचान अपराध नियंत्रण, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और डेटा आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने वाले अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने जांच प्रक्रिया को बेहतर बनाने और पुलिसिंग को आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया है।
सरकार की ओर से किए गए इस फेरबदल को आगामी प्रशासनिक जरूरतों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। लखनऊ प्रदेश की राजधानी होने के साथ-साथ राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। ऐसे में यहां पुलिस कमिश्नर की भूमिका काफी अहम मानी जाती है।
इसके अलावा प्रयागराज में भी पुलिस प्रशासन में बदलाव किया गया है। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
योगी सरकार समय-समय पर पुलिस विभाग में फेरबदल करती रही है। अधिकारियों की तैनाती में उनके अनुभव, कार्यक्षमता और संबंधित क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के पीछे अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना मुख्य उद्देश्य है।
नए पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के सामने लखनऊ में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर नियंत्रण, साइबर अपराधों से निपटना और आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उनके अनुभव और तकनीक आधारित पुलिसिंग के दृष्टिकोण से राजधानी की पुलिस व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





