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नोएडा की हाईराइज सोसायटी में नशे में धुत युवकों का हंगामा, कई गाड़ियों को मारी टक्कर

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडियाक सोसायटी में शनिवार, 17 अक्टूबर की देर रात जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म लगे शीशों वाली कार में सवार युवक और युवतियां सोसायटी में घुस आए। यहां कार में शराब पीने और हंगामा करने को लेकर स्थानीय निवासियों ने विरोध जताया। इसके बाद कार सवारों की लोगों से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर चालक ने तेज रफ्तार में कार भगाने का प्रयास किया और रास्ते में खड़े कई वाहनों को टक्कर मार दी। इस दौरान कुछ लोग कार की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में निवासी मौके पर एकत्र हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सोसायटी के सुरक्षा प्रभारी की शिकायत पर सेक्टर-113 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डांडिया कार्यक्रम के बाद सोसायटी में हंगामा
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात आम्रपाली जोडियाक सोसायटी में नवरात्रि के अवसर पर डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सोसायटी परिसर में बिना नंबर प्लेट वाली एक कार पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कार में सवार युवक और युवतियां शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। उनके व्यवहार पर आसपास मौजूद लोगों ने आपत्ति जताई।
इसी बात को लेकर कार सवारों और सोसायटी के निवासियों के बीच बहस शुरू हो गई।
कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बिना नंबर प्लेट की कार ने बढ़ाई चिंता
सोसायटी के निवासियों ने बिना नंबर प्लेट वाली कार के परिसर में प्रवेश करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, कार के शीशों पर काली फिल्म भी लगी हुई थी।
लोगों का कहना है कि आवासीय परिसर में आने वाले वाहनों की पहचान और प्रवेश की जांच होनी चाहिए।
बिना पंजीकरण नंबर दिखाई देने वाली कार का अंदर पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमी को दर्शाता है।
निवासियों ने मांग की है कि सोसायटी में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों की निगरानी और सख्त की जाए।
विरोध करने पर की अभद्रता
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब उन्होंने कार सवार युवकों और युवतियों को हंगामा करने से रोका तो आरोपियों ने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी हुई।
लोगों ने कार सवारों से परिसर में शांति बनाए रखने और वहां से चले जाने को कहा।
आरोप है कि बातचीत के दौरान युवकों ने गाली-गलौज भी की।
विवाद बढ़ने पर सोसायटी के अन्य निवासी और सुरक्षा कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
भीड़ देखकर कार दौड़ाने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए, तब कार चालक ने तेजी से वाहन भगाने का प्रयास किया।
इस दौरान कार अनियंत्रित होकर आसपास खड़ी कई गाड़ियों से टकरा गई।
निवासियों ने आरोप लगाया कि चालक ने रास्ते में मौजूद लोगों की सुरक्षा की परवाह किए बिना वाहन दौड़ाया।
कुछ लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।
इस घटना में कई वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
मौके पर मौजूद लोगों ने कार चालक पर जानबूझकर लोगों को कुचलने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, चालक की मंशा के बारे में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
तीन लोगों के घायल होने की सूचना
घटना से जुड़ी कुछ रिपोर्टों में तीन लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, घायलों की पहचान और उन्हें लगी चोटों के संबंध में विस्तृत पुलिस या चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसलिए घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस घटना के दौरान हुई मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़ा
घटना के दौरान सोसायटी के लोगों ने कथित रूप से हंगामे में शामिल एक युवक को पकड़ लिया।
इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि घटना के समय यदि लोग सावधानी नहीं बरतते तो गंभीर हादसा हो सकता था।
पुलिस युवक से पूछताछ और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हालांकि, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान और उसके खिलाफ की गई विस्तृत कानूनी कार्रवाई के संबंध में अतिरिक्त आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सुरक्षा प्रभारी की शिकायत पर मुकदमा
आम्रपाली जोडियाक सोसायटी के सुरक्षा प्रभारी ने इस घटना के संबंध में सेक्टर-113 थाने में शिकायत दी है।
शिकायत में कार सवारों के व्यवहार, वाहनों को टक्कर मारने और परिसर में हंगामा करने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही संबंधित कार के पंजीकरण और स्वामित्व से जुड़े विवरण की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
थाने पहुंचे बड़ी संख्या में निवासी
घटना के बाद सोसायटी के निवासियों में नाराजगी देखी गई।
रिपोर्टों के अनुसार, 100 से अधिक निवासी सेक्टर-113 थाने पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।
सोसायटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) और नोएडा हाईराइज फेडरेशन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी पुलिस के समक्ष सुरक्षा संबंधी चिंताएं रखीं।
निवासियों ने आरोप लगाया कि बाहरी व्यक्तियों की अनियंत्रित आवाजाही से सोसायटी की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
सोसायटी में हुई घटना के बाद निवासियों ने परिसर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की मांग की है।
लोगों का कहना है कि फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि कार किस समय परिसर में दाखिल हुई और उसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से वाहन की गतिविधियों, टक्कर लगने की परिस्थितियों और संबंधित व्यक्तियों की पहचान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
पुलिस के लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करना भी आवश्यक होगा।
सोसायटी की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने नोएडा की हाईराइज सोसायटियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आवासीय परिसरों में बड़ी संख्या में परिवार, बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं।
ऐसे स्थानों पर वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
निवासियों का कहना है कि परिसर में बाहरी वाहनों का प्रवेश करते समय आवश्यक जानकारी दर्ज की जानी चाहिए।
इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर सुरक्षा कर्मचारियों के पास पुलिस को तत्काल सूचना देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
नोएडा हाईराइज फेडरेशन के अध्यक्ष निखिल सिंघल ने घटना के बाद सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने बिना नंबर प्लेट वाली कार के आवासीय परिसर में प्रवेश को गंभीर मामला बताया।
निवासियों ने पुलिस से क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और सोसायटियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि त्योहारों और देर रात आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान विशेष सतर्कता आवश्यक है।
शराब पीने के आरोप की भी जांच जरूरी
इस मामले में कार सवारों के शराब के नशे में होने के आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, मेडिकल परीक्षण या अन्य आधिकारिक साक्ष्य के बिना यह स्पष्ट नहीं है कि चालक ने शराब पी रखी थी या नहीं।
पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि वाहन चलाने वाले व्यक्ति की स्थिति क्या थी और कार किन परिस्थितियों में अन्य वाहनों से टकराई।
यदि शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि होती है तो संबंधित यातायात कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस
सेक्टर-113 थाना पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के सामने अब कार सवार सभी व्यक्तियों की पहचान, वाहन को हुए नुकसान और निवासियों के साथ कथित मारपीट की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती है।
वहीं सोसायटी के लोग सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शनिवार रात हुई इस घटना ने आवासीय परिसरों में वाहन प्रवेश, सुरक्षा निगरानी और यातायात अनुशासन के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है।





