- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अयोध्या राम मंदिर CEO...

x
अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सीईओ पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब चयनित उम्मीदवारों के इंटरव्यू की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 11 और 12 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है। इंटरव्यू में शामिल होने वाले आवेदकों को इसकी सूचना भी भेज दी गई है।
सीईओ के चयन के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने सीईओ पद के लिए प्राप्त करीब 5200 आवेदनों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली है। स्क्रीनिंग के बाद अब योग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। बताया गया है कि यह साक्षात्कार अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर के पीएफसी में आयोजित किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपेगी।
जानकारी के मुताबिक, इंटरव्यू के बाद चयन समिति तीन नामों का पैनल तैयार करेगी। इस पैनल को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आगामी 2 सितंबर को ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में सीईओ पद के लिए समिति द्वारा सुझाए गए तीनों नामों पर विचार किया जाएगा। ट्रस्टियों की सहमति और अनुमोदन के बाद इनमें से किसी एक उम्मीदवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद चयनित नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
सीईओ की नियुक्ति को मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चढ़ावे और मंदिर की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सीईओ की नियुक्ति के जरिए प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं, निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की ओर से दी जाएगी। अंतरिम महासचिव ने सीईओ चयन प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए इंटरव्यू और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है।
दूसरी ओर, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले में गठित एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पहले जांच के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2024-25 से संबंधित लेखा-जोखा की पड़ताल की गई थी। अब जांच को ट्रस्ट के गठन के समय यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 से शुरू किया गया है। जांच टीम अब पिछले कई वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड और मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
एसआईटी के निर्देश पर राम मंदिर ट्रस्ट में 2020 में गठन के बाद से काम करने वाले पुराने और वर्तमान कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। कर्मचारियों के बयान अलग-अलग दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी उनसे विभिन्न बिंदुओं पर सवाल पूछ रहे हैं, ताकि पुराने बयानों और वर्तमान जानकारी में किसी तरह का विरोधाभास सामने आने पर उसकी जांच की जा सके।
बताया गया है कि इससे पहले मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े करीब आधा दर्जन कर्मचारियों से पूछताछ की गई थी। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए ट्रस्ट के गठन के बाद से मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 2020-21 से लेकर 2023-24 तक के अभिलेखों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस टीम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विभिन्न बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही है। इसमें चालू खाते, बचत खाते और सावधि जमा खातों से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं। बैंक अधिकारियों की टीम भी मामले की जांच के सिलसिले में अयोध्या पहुंचकर अपने स्तर पर पड़ताल कर चुकी है। शाखा प्रबंधक अनूप कुमार त्रिपाठी सहित क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
एसआईटी की जांच से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है। ऐसे में एक ओर जहां राम मंदिर प्रशासन में सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर चढ़ावा चोरी मामले में वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों के बयानों की जांच भी जारी है। आने वाले दिनों में सीईओ पद के लिए होने वाले इंटरव्यू और एसआईटी की जांच, दोनों ही राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
TagsRam Mandir CEO: PositionSelectionand Interviewराम मंदिर CEOपदचयनइंटरव्यूजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





