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मुरादाबाद में पानी भरी बाल्टी में गिरने से मासूम की मौत

Moradabad जिले के जयंतीपुर इलाके में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना से पूरे परिवार में शोक फैल गया और घर का माहौल गमगीन हो गया। जानकारी के अनुसार कुंदरकी के मोहल्ला कायस्थान निवासी नदीम की पत्नी गुलिस्ता चार दिन पहले अपनी एक वर्षीय बेटी आयत और अन्य बच्चों के साथ अपने मायके जयंतीपुर आई हुई थी। रविवार सुबह करीब 9 बजे बच्ची घर में खेल रही थी, तभी वह खेलते-खेलते बाथरूम में पहुंच गई। वहां रखी पानी से भरी छोटी बाल्टी में उसका मुंह के बल गिरना हो गया, जिससे वह पानी में डूब गई और दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।
कुछ समय बाद जब परिजनों ने बच्ची को देखा तो वह पानी में पड़ी हुई थी और उसकी सांसें बंद हो चुकी थीं। परिजन तुरंत उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे घर में मातम फैल गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी से भी ससुराल पक्ष के लोग जयंतीपुर पहुंच गए, जहां माहौल पूरी तरह गम में बदल गया।
बताया गया कि आयत अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसके बड़े भाई अली (5 वर्ष), बहन अनाविया (4 वर्ष) और हीबा (3 वर्ष) हैं। परिवार की सबसे छोटी और लाडली बच्ची के अचानक चले जाने से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। मां गुलिस्ता का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन लगातार इस बात को लेकर दुख जता रहे हैं कि कुछ ही पलों की लापरवाही ने उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी छीन ली।
घटना के बाद बच्ची का शव मुरादाबाद से कुंदरकी लाया गया, जहां स्थानीय कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अंतिम संस्कार के समय पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा और लोग परिवार को सांत्वना देते नजर आए। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि घर के अंदर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे हादसे अक्सर कुछ सेकंड की असावधानी से हो जाते हैं। घर में खुले पानी की बाल्टी, टब या अन्य कंटेनर छोटे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसलिए आवश्यक है कि पानी से भरे बर्तन तुरंत खाली किए जाएं और उन्हें ढककर रखा जाए। बच्चों को बाथरूम, रसोई और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर अकेला न छोड़ा जाए।
इस दर्दनाक घटना से लोगों को यह सीख मिलती है कि घर के अंदर भी सुरक्षा उतनी ही जरूरी है जितनी बाहर। छोटे बच्चों पर लगातार नजर रखना और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।





