उत्तर प्रदेश

पर्यावरण संरक्षण को लेकर पहल, केजीबीवी बुढाना में लगाए गए फलदार पौधे

Ratna Netam
28 July 2026 7:08 PM IST
पर्यावरण संरक्षण को लेकर पहल, केजीबीवी बुढाना में लगाए गए फलदार पौधे
x

मुजफ्फरनगर : विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस-2026 के अवसर पर मंगलवार को जनपद मुजफ्फरनगर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) बुढाना परिसर में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। इस वर्ष विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस "पुनर्स्थापन, लचीलापन और उत्तरदायित्व" थीम के साथ मनाया गया, जिसके तहत लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और उपस्थित लोगों ने इनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षण देना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

यह कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर देशभूषण के निर्देशन तथा प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अभिनव राज और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन डॉ. राजीव कुमार द्वारा किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई और लोगों को प्रकृति के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरण की जरूरत नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, स्वास्थ्य और सतत विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करता है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन के कारण पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में हर व्यक्ति को प्रकृति के संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल, जंगल, जमीन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जल संकट, वायु प्रदूषण, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और जैव विविधता का नुकसान भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इसलिए छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम में वन, जल, वायु और मिट्टी के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग ही सतत विकास का आधार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी दिनचर्या में पर्यावरण हितैषी बदलाव लाएं। प्लास्टिक का कम से कम उपयोग, पानी की बचत, ऊर्जा संरक्षण, अधिक से अधिक पौधारोपण और प्रदूषण को कम करने जैसे प्रयास पर्यावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने बताया कि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र से ही स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और बेहतर जीवन संभव है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक निर्धारित वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जनभागीदारी और स्थानीय स्तर पर संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए।

इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन रश्मि रानी, शिक्षिका पूनम शर्मा, वर्षा, शिवराज सिंह सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि प्रकृति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं और उपस्थित लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

Next Story