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- शतरंज ओलिंपियाड में...

समरकंद। 46वें शतरंज ओलिंपियाड के सातवें दौर में भारतीय शतरंज टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया, जबकि महिला टीम ने जर्मनी के खिलाफ 3.5-0.5 से एकतरफा जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग में आर. प्रगनानंदा ने शीर्ष बोर्ड पर निकिता वितुगोव को मात दी, वहीं विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने चौथे बोर्ड पर एक और जीत हासिल कर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
पुरुष टीम की जीत में प्रगनानंदा और गुकेश की जीत सबसे अहम रही। शीर्ष बोर्ड पर खेलते हुए प्रगनानंदा ने निकिता वितुगोव के खिलाफ बेहतरीन रणनीतिक और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा और मौके का फायदा उठाते हुए बाजी अपने नाम कर ली। उनकी जीत ने भारत को मुकाबले में मजबूत शुरुआत दिलाई।
वहीं, चौथे बोर्ड पर उतरे डी. गुकेश ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया। विश्व चैंपियन ने डेनियल फर्नांडेज के खिलाफ जीत दर्ज की। गुकेश के लिए बोर्ड नंबर फिलहाल कोई बड़ी बाधा साबित नहीं हो रहा है। वह चौथे बोर्ड पर लगातार प्रभावी प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी जीत का सिलसिला टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
गुकेश इससे पहले भारत के लिए शीर्ष बोर्ड पर खेलते हुए पिछले दो ओलिंपियाड में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 2026 के इस ओलिंपियाड में उन्हें चौथे बोर्ड पर खेलने का मौका दिया गया है। मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए वह इस बोर्ड पर भी व्यक्तिगत स्वर्ण पदक की दौड़ में बने हुए हैं। आधिकारिक परिणामों के अनुसार सात दौर के बाद गुकेश ने छह बाजियों में पांच अंक जुटाए हैं।
भारत और इंग्लैंड के मुकाबले में तीसरे बोर्ड पर निहाल सरीन को ल्यूक मैकशेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। निहाल के लिए यह मुकाबला उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन उनकी हार भारतीय टीम के अंतिम परिणाम पर भारी नहीं पड़ी। प्रगनानंदा और गुकेश की जीत ने भारत को मुकाबले में बढ़त दिला दी। आर्मेनिया के खिलाफ पिछले दौरों में भी मजबूत प्रदर्शन कर चुकी भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच अंक हासिल किए।
हालांकि, टीम संयोजन को लेकर आगे ध्यान देने वाली बात यह है कि विदित गुजराती को फिर से टीम में शामिल किया जा सकता है। भारत के पास पांच खिलाड़ियों का मजबूत दल है और प्रत्येक दौर में चार खिलाड़ियों को बोर्ड पर उतारा जाता है। ऐसे में कप्तान और टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के फॉर्म और मुकाबले के हिसाब से बोर्ड संयोजन तय करना होता है। आधिकारिक टीम सूची में प्रगनानंदा, अर्जुन एरिगैसी, निहाल सरीन, गुकेश और विदित गुजराती शामिल हैं।
महिला टीम ने जर्मनी को हराया
भारतीय महिला टीम ने भी सातवें दौर में शानदार प्रदर्शन किया। जर्मनी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने 3.5-0.5 से जीत दर्ज की। मुकाबले की शुरुआत से ही भारत ने दबदबा बनाए रखा और जर्मन टीम को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
पहले बोर्ड पर अनुभवी कोनेरू हम्पी ने जर्मनी की खिलाड़ी के खिलाफ आसान जीत दर्ज की। हम्पी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मुकाबले को जल्द ही अपने नियंत्रण में कर लिया। उनकी जीत से भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त मिली और बाकी खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक दबाव बना।
दूसरे बोर्ड पर आर. वैशाली को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। हालांकि, तीसरे बोर्ड पर दिव्या देशमुख ने जीत हासिल कर भारत की बढ़त को मजबूत किया। इसके बाद चौथे बोर्ड पर साविता श्री ने भी जीत दर्ज की। साविता श्री की यह टूर्नामेंट में लगातार पांचवीं जीत रही, जिसने भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन को और मजबूत कर दिया।
जर्मनी के खिलाफ 3.5-0.5 की जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एक बार फिर अपनी गहराई और संतुलन का प्रदर्शन किया। हम्पी और दिव्या की जीत के बाद साविता श्री की लगातार पांचवीं जीत विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। वैशाली का ड्रॉ भी टीम के लिए पर्याप्त रहा और भारत ने आराम से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत की नजर लगातार मजबूत प्रदर्शन पर
समरकंद में आयोजित 46वें शतरंज ओलिंपियाड में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों से काफी उम्मीदें हैं। प्रतियोगिता 16 से 27 सितंबर तक चल रही है और कुल 11 राउंड खेले जाने हैं। भारत पुरुष वर्ग में मौजूदा चैंपियन है और महिला वर्ग में भी मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।
पुरुष टीम के लिए सातवें दौर की जीत इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम ने इंग्लैंड जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 2.5-1.5 का परिणाम हासिल किया। प्रगनानंदा और गुकेश की जीत ने भारत को निर्णायक बढ़त दिलाई। वहीं निहाल की हार के बावजूद टीम ने मुकाबला अपने नाम किया।
गुकेश का लगातार अच्छा प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है। चौथे बोर्ड पर खेलने के बावजूद उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी है। सातवें दौर की जीत के बाद वह इस प्रतियोगिता में भारत के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल हैं।
अब आगे के दौर में भारतीय टीम प्रबंधन के सामने खिलाड़ियों के बोर्ड संयोजन को लेकर फैसले होंगे। विदित गुजराती जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं और जरूरत के मुताबिक उन्हें मौका दिया जा सकता है। दूसरी ओर प्रगनानंदा, गुकेश और अन्य खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म भारत के अभियान के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
महिला टीम भी लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है। जर्मनी के खिलाफ बड़ी जीत के बाद टीम की नजर अगले दौर में भी इसी लय को बनाए रखने पर होगी। हम्पी के अनुभव, दिव्या देशमुख के आक्रामक खेल और साविता श्री की लगातार जीतों ने टीम को मजबूती दी है।
इस तरह सातवें दौर में भारतीय शतरंज के लिए दिन बेहद सफल रहा। पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 2.5-1.5 से हराया, जबकि महिला टीम ने जर्मनी को 3.5-0.5 से मात दी। प्रगनानंदा और गुकेश ने पुरुष टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई, जबकि महिला टीम में हम्पी, दिव्या और साविता श्री की जीत निर्णायक साबित हुई। अब सभी की नजर ओलिंपियाड के बाकी बचे दौर और भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी।





