उत्तर प्रदेश

अधूरी सड़क, पूरा शिलापट्ट; ग्रामीणों ने मांगी जांच

Kavita2
30 July 2026 4:46 PM IST
अधूरी सड़क, पूरा शिलापट्ट; ग्रामीणों ने मांगी जांच
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उत्तर प्रदेश : विकास खंड के रीवा रोड से धसड़ाराजा संपर्क मार्ग पर गदहिया नाले के रपटा निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आठ लाख रुपये की लागत से स्वीकृत यह निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य पूर्ण होने का शिलापट्ट लगा दिया गया है।

ग्रामीणों ने इस मामले में जिलाधिकारी को शिकायत देकर जांच कराने और अधूरे पड़े निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है, जिससे बरसात के दिनों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अधूरे निर्माण पर लगाया आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, रीवा रोड से धसड़ाराजा संपर्क मार्ग पर गदहिया नाले पर रपटा निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि आवागमन आसान हो जाएगा। नाले पर निर्माण होने से ग्रामीणों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद थी।

हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य को बीच में ही रोक दिया गया। मौके पर अभी भी कई काम अधूरे पड़े हैं, लेकिन निर्माण पूरा होने का शिलापट्ट लगा दिया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

गुणवत्ता को लेकर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो आने वाले समय में रपटा जल्दी क्षतिग्रस्त हो सकता है और लोगों को फिर से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

बरसात में बढ़ सकती है परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि गदहिया नाला बरसात के समय उफान पर आ जाता है। ऐसे में अधूरा रपटा ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

कई गांवों के लोगों का इस मार्ग से आवागमन होता है। यदि रपटा समय पर पूरा नहीं हुआ तो बारिश के दिनों में लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है।

जिलाधिकारी से जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई।

ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए और अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराया जाए।

विभाग की भूमिका पर नजर

मामले को लेकर अब संबंधित विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था तो पूर्णता का शिलापट्ट कैसे लगाया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में मौके का निरीक्षण कराया जाए और वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

ग्रामीणों को जल्द समाधान की उम्मीद

क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजना का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुंचाना है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब ग्रामीणों की नजर जिलाधिकारी के निर्देश और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।

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