उत्तर प्रदेश

जलयान मरम्मत केंद्र का जल्द लोकार्पण

Kavita2
29 Aug 2026 12:54 PM IST
जलयान मरम्मत केंद्र का जल्द लोकार्पण
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वाराणसी। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के चेयरमैन और पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुशील कुमार लोहानी ने वाराणसी स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने टर्मिनल की व्यवस्थाओं और यहां चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की।

माना जा रहा है कि वाराणसी में तैयार हो रहे जलयान मरम्मत केंद्र का लोकार्पण जल्द किया जा सकता है। यह केंद्र जल परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और गंगा नदी मार्ग से संचालित होने वाले जलयानों के रखरखाव में मदद करेगा।

परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

दौरे के दौरान सुशील कुमार लोहानी ने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) और इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IPRCL) के सहयोग से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी मल्टी मॉडल टर्मिनल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।

जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

वाराणसी का मल्टी मॉडल टर्मिनल राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी मार्ग) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस परियोजना का उद्देश्य जल परिवहन को मजबूत करना और माल ढुलाई के लिए वैकल्पिक एवं किफायती माध्यम उपलब्ध कराना है।

जल परिवहन को बढ़ावा मिलने से सड़क और रेल मार्गों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी फायदा मिलेगा।

जलयान मरम्मत केंद्र से बढ़ेंगी सुविधाएं

वाराणसी में बनने वाला जलयान मरम्मत केंद्र गंगा मार्ग से चलने वाले जहाजों और अन्य जलयानों के रखरखाव के लिए अहम सुविधा उपलब्ध कराएगा।

इस केंद्र के शुरू होने के बाद जलयानों की मरम्मत और तकनीकी जांच के लिए उन्हें दूर-दराज के स्थानों पर ले जाने की जरूरत कम होगी।

इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।

एलएंडटी जियोस्ट्रक्चर कर रही है काम

मल्टी मॉडल टर्मिनल से जुड़े निर्माण कार्यों में एलएंडटी जियोस्ट्रक्चर की ओर से ग्राउंड इंजीनियरिंग कंपनी के तहत काम किया जा रहा है।

तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में परियोजना के विभिन्न हिस्सों को तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

दौरे के दौरान चेयरमैन सुशील कुमार लोहानी ने अधिकारियों को परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जल परिवहन से जुड़ी परियोजनाएं देश के आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

वाराणसी बनेगा जल परिवहन का प्रमुख केंद्र

वाराणसी लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र रहा है।

मल्टी मॉडल टर्मिनल और जल परिवहन से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी पूर्वी भारत और अन्य क्षेत्रों के बीच माल परिवहन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

गंगा जलमार्ग के माध्यम से व्यापार को बढ़ावा देने की सरकार की योजना में वाराणसी की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा लाभ

इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। जलयान संचालन, मरम्मत, लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी।

स्थानीय व्यापारियों और उद्योगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा का लाभ मिल सकता है।

भविष्य की योजनाओं पर भी हुई चर्चा

समीक्षा बैठक के दौरान भविष्य में जल परिवहन के विस्तार और नई सुविधाओं को विकसित करने को लेकर भी चर्चा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी में जलमार्ग से जुड़ी सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यहां से अधिक संख्या में माल और यात्री परिवहन को बढ़ावा दिया जा सके।

सुशील कुमार लोहानी के दौरे को वाराणसी में जल परिवहन परियोजनाओं की प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर जलयान मरम्मत केंद्र के संभावित लोकार्पण और आगे की विकास योजनाओं पर है।

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