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बुलंदशहर। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए थाना अरनिया पुलिस ने आबकारी अधिनियम से संबंधित 64 निर्णयशुदा मुकदमों में बरामद करीब 6,730 लीटर अवैध शराब को नियमानुसार नष्ट करा दिया। पुलिस के अनुसार नष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख 50 हजार रुपये थी। पूरी कार्रवाई पुलिस, आबकारी और अभियोजन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न कराई गई।
पुलिस के मुताबिक थाना अरनिया क्षेत्र में अलग-अलग समय पर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई थी। इन मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। संबंधित मुकदमों की सुनवाई पूरी होने और न्यायालय से निर्णय आने के बाद जब्त शराब के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई।
आबकारी अधिनियम के जिन 64 मामलों का न्यायालय में निपटारा हो चुका था, उनसे संबंधित बरामद शराब को थाना परिसर के मालखाने में सुरक्षित रखा गया था। पुलिस रिकॉर्ड में शराब की मात्रा, उसकी किस्म, संबंधित मुकदमा संख्या और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज थीं। न्यायालय का आदेश मिलने के बाद पुलिस ने नियमानुसार अधिकारियों की समिति की मौजूदगी में शराब नष्ट कराने की तैयारी की।
निर्धारित स्थान पर गड्ढा खुदवाकर करीब 6,730 लीटर अवैध शराब का निस्तारण किया गया। कार्रवाई शुरू करने से पहले जब्त माल का उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान किया गया। इसके बाद शराब को कंटेनरों और अन्य पैकिंग से निकालकर गड्ढे में डाला गया। पुलिस का कहना है कि निस्तारण के दौरान सभी आवश्यक नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
नष्ट कराई गई अवैध शराब की कुल अनुमानित कीमत करीब 30 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान जब्त माल से संबंधित दस्तावेजी औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। अधिकारियों की उपस्थिति में निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया गया, ताकि भविष्य में इससे संबंधित सभी विवरण सुरक्षित रह सकें।
शराब नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी खुर्जा शोभित कुमार, थाना प्रभारी अरनिया शशांक द्विवेदी, अभियोजन अधिकारी रणजीत सिंह और आबकारी निरीक्षक विचित्र कुमार उपस्थित रहे। इनके अलावा माल मोहर्रिर हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह समेत पुलिस और संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे।
अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय में निर्णय हो जाने के बाद मुकदमों से संबंधित जब्त माल का अधिक समय तक मालखाने में रखा जाना उचित नहीं होता। इससे मालखाने में जगह की समस्या उत्पन्न होती है और शराब के रिसाव, टूट-फूट या खराब होने की आशंका भी बनी रहती है। अदालत की अनुमति मिलने के बाद ऐसी सामग्री का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण किया जाता है।
अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों के दौरान बिना लाइसेंस शराब बनाने, रखने, बेचने और उसका परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। बरामद शराब को मुकदमे में साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित आदेश प्राप्त होने के बाद ही उसे नष्ट किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
थाना अरनिया पुलिस ने बताया कि 64 मुकदमों से जुड़ी शराब का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और अधिकारियों की निगरानी में किया गया है। कार्रवाई समाप्त होने के बाद इससे संबंधित रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए। अधिकारियों ने लोगों से अवैध शराब की खरीद और सेवन से बचने तथा ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस या आबकारी विभाग को सूचित करने की अपील की है।
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