उत्तर प्रदेश

इफ्तार पार्टी कहीं भी आयोजित की जा सकती थी तो फिर वाराणसी में ही क्यों: एसटी हसन

SHIDDHANT
17 March 2026 9:39 PM IST
इफ्तार पार्टी कहीं भी आयोजित की जा सकती थी तो फिर वाराणसी में ही क्यों: एसटी हसन
x
मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने हाल ही में वायरल हुए वीडियो की कड़ी आलोचना की, जिसमें वाराणसी स्थित गंगा नदी के बीच नाव पर कुछ मुस्लिम युवक इफ्तार पार्टी करते दिखाए गए हैं। आरोप है कि इफ्तार के बाद बिरयानी की हड्डियों को नदी में फेंका गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
एसटी हसन ने कहा कि इफ्तार पार्टी का आयोजन कहीं भी किया जा सकता था, लेकिन गंगा नदी जैसी पवित्र जगह को चुनना गलत था। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंगा नदी हिंदू भाइयों के लिए आस्था का केंद्र है और वहां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, "जो गलत है, वो गलत है। किसी भी किंतु परंतु की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर किसी ने भोजन के अवशेष को नदी में फेंका, जहां लोग पूजा-अर्चना और स्नान करते हैं, तो यह पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एसटी हसन ने इसके अलावा पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद चुनाव आयोग द्वारा कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आयोग अब भाजपा के प्रभाव में आ गया है और चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है। हसन ने कहा कि इस कदम के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ साजिश की आशंका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के विश्वास पर असर डाल सकते हैं। समाजवादी पार्टी नेता का मानना है कि चुनाव आयोग को अपने फैसलों में निष्पक्ष रहना चाहिए और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना भी अनिवार्य है।
Next Story