उत्तर प्रदेश

अगर कुछ नहीं हो सकता है तो ‘सांड सफारी’ ही बना लें: अखिलेश यादव

Shreya
11 Aug 2023 11:16 AM GMT
अगर कुछ नहीं हो सकता है तो ‘सांड सफारी’ ही बना लें: अखिलेश यादव
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा में आवारा पशुओं के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कुछ नहीं हो सकता है तो कम से कम ‘सांड सफारी’ ही बना लें।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शुक्रवार को विधानसभा में आवारा पशुओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लायन सफारी को ठीक नहीं कर पाए। आप इस पर काम क्यों नहीं कर रहे हैं। क्या आपके पास बजट की कमी है।

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई जिला नहीं बचा, जहां पर सांड से किसी की जान न गई होगी। संभल, मुरादाबाद, चंदौसी, हसनपुर और कितने नाम बताऊं आपको, जहां सांड के हमले से जान न गई हो। अगर कुछ नहीं हो सकता है तो कम से कम सांड सफारी ही बना लें।

अखिलेश ने गुलदार और टाइगर को लेकर कहा कि किसान इस कारण से खेतों में काम नहीं कर पा रहा है। इन्होंने कम से कम 40 लोगों की जान ली और अभी तो मैं सांड की बात नहीं कर रहा। अगर किसान डर के कारण छह सात माह से खेत में नहीं जा पा रहे हैं तो ये सरकार कर क्या रही है? इससे संबंधित विभाग कर क्या रहा है?

अख‍िलेश ने कहा, प्रदेश की बदहाल ब‍िजली व्‍यवस्‍था के ल‍िए नेता सदन ज‍िम्‍मेदार हैं। अख‍िलेश ने प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा क‍ि जहां डॉक्‍टर आपरेशन कर रहे हैं, वहां सांड घुस रहे हैं। कुत्ते अस्‍पतालों में मरीजों को नोच रहे हैं।

नेता व‍िपक्ष अख‍िलेश यादव ने सीएम योगी से पूछा, मल्‍टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम कहां है, फ्रेट कॉरिडोर कहां है। अगर यह आपने बनाया है तो यह गोरखपुर होकर क्‍यों नहीं जा रहा है। यह सब पिछली सरकारों का बनाया गया है।

अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, चैरेटी बिगिन्‍स एट होम, नेता सदन आपने अंग्रेजी अखबार को इंटरव्‍यू दिया है। गोरखपुर की कोई ऐसी गली बता दें, जहां पानी न भरता हो। साढे छह साल से सीएम हैं, लेकिन आप अपने क्षेत्र में जलभराव नहीं ठीक करा पा रहे हैं। प्रदेश में किसानों की मदद किए बिना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर कैसे बनाया जा सकता है।

अखिलेश यादव ने विधानसभा में सीधे तौर पर भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि आज भाजपा की पहचान नफरत, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई की बन गई है।

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