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उत्तर प्रदेश
13 साल की सेवा के बाद IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा बीजेपी नेता के दावे से गरमाई राजनीति
Ratna Netam
30 Aug 2026 3:14 PM IST

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उत्तर प्रदेश : कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी और अपनी प्रशासनिक यात्रा को याद करते हुए भावुक संदेश लिखा।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रशांत उमराव ने बड़ा दावा करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी मुलाकात का जिक्र किया है। भाजपा नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिया और इसे एक राजनीतिक एजेंडे से जोड़ने की कोशिश की गई। हालांकि, उनके इस दावे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने अपने पोस्ट में लिखा कि आईएएस अधिकारी के इस्तीफे को लेकर खूब चर्चा हो रही है, लेकिन इसके पीछे की परिस्थितियों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्तीफा देने का समय और घटनाक्रम राजनीतिक उद्देश्य से जुड़ा हो सकता है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
13 साल की सेवा के बाद लिया फैसला
दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए लिखा कि उन्होंने 13 वर्षों की यादगार यात्रा को अपनी इच्छा से विराम दिया है। उन्होंने बताया कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से शिक्षा हासिल की, विदेश में नौकरी की, लेकिन देश सेवा के उद्देश्य से वापस लौटकर प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना।
दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर काफी चर्चा में रहा है। वह देवरिया की जिलाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह जनता से सीधे संवाद और सख्त प्रशासनिक फैसलों के कारण सुर्खियों में रहीं।
राजनीतिक विवादों से भी रहा नाता
दिव्या मित्तल का नाम कई बार प्रशासनिक फैसलों और जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेद को लेकर चर्चा में रहा। देवरिया में जिलाधिकारी रहते हुए अधिकारियों के कामकाज और ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर दिए गए उनके बयानों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा की थी।
उनकी कार्यशैली को लेकर समर्थकों का कहना रहा कि वह नियमों और प्रशासनिक व्यवस्था को प्राथमिकता देती थीं। वहीं कुछ राजनीतिक नेताओं ने उनके फैसलों और रवैये पर सवाल भी उठाए थे।
राहुल गांधी से मुलाकात के दावे पर सियासत तेज
भाजपा नेता के बयान के बाद अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा की ओर से जहां इस्तीफे के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दिव्या मित्तल के समर्थक इसे उनका व्यक्तिगत फैसला बता रहे हैं।
दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे के कारणों को लेकर किसी राजनीतिक दबाव या मुलाकात का उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने अपने संदेश में अपने अनुभवों, देश सेवा के सपने और आगे की नई यात्रा की ओर संकेत किया है।
आईएएस से इस्तीफा बना चर्चा का विषय
आईएएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा छोड़ने का फैसला हमेशा चर्चा का विषय बनता है। दिव्या मित्तल का इस्तीफा भी प्रशासनिक गलियारों से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा में है। एक ओर जहां उनके समर्थक इसे नए अवसरों की तलाश से जोड़ रहे हैं, वहीं राजनीतिक दल इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा नेता प्रशांत उमराव के उस दावे को लेकर है जिसमें उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफे की बात कही है। इस दावे पर अभी तक दिव्या मित्तल या कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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