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'FIR से नहीं डरूंगा', पप्पू यादव ने वाराणसी केस पर दी तीखी प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश : निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने खिलाफ वाराणसी पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं और सनातन धर्म व लोगों की आस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला राजनीतिक दबाव का नतीजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे लोग गेरुआ वस्त्र पहन सकते हैं तो उन्हें भी गेरुआ पहनकर सनातन की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा, "जब गेरुआ पहनकर चोरी करने का अधिकार है तो क्या पप्पू यादव को गेरुआ पहनकर गेरुआ की रक्षा करने का अधिकार नहीं है। मैं खीरा-ककरी हूं क्या, अभी दिल्ली आ रहा हूं।" उन्होंने कहा कि एफआईआर से वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे ऐसे मामलों से नहीं डरे तो वह भी पीछे नहीं हटेंगे।
पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने कभी सनातन धर्म या भगवान के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि वह सनातन और भगवान के खिलाफ गद्दारी करने वालों के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहेंगे और इसके लिए वह किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
सांसद ने आगे कहा कि वह हर दिन कफन बांधकर निकलते हैं और किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके परिवार या बच्चों को निशाना बनाया गया तो वह इसका कड़ा विरोध करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को किसी भी राजनीतिक लड़ाई में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें कमजोर संस्कार नहीं मिले हैं और वह अपनी लड़ाई खुद लड़ने में सक्षम हैं।
पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित तौर पर जमा किए गए हजारों करोड़ रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और लोगों की भावनाओं से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए।
दरअसल, यह मामला संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन को लेकर वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।
वाराणसी पुलिस के अनुसार, संतों की शिकायत के आधार पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान सनातन धर्म का अपमान किया गया। वहीं, पप्पू यादव और विपक्षी नेताओं का कहना है कि उन्होंने केवल एक मुद्दे को उठाया है और किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का उनका उद्देश्य नहीं था।
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। नई दिल्ली सीट से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन के नाम पर सनातन संस्कृति और संत समाज का अपमान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन किसी भी समुदाय की आस्था को चोट पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। एक तरफ विपक्ष इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बता रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और संत समाज इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।





