उत्तर प्रदेश

पति ने पार की हैवानियत की हद! महिला डॉक्टर को ब्लैकमेल कर ऐंठे ₹32.5 लाख

Ratna Netam
5 Aug 2026 3:46 PM IST
पति ने पार की हैवानियत की हद! महिला डॉक्टर को ब्लैकमेल कर ऐंठे ₹32.5 लाख
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उत्तर प्रदेश : गोरखपुर से एक महिला डॉक्टर द्वारा अपने पति और ससुराल पक्ष पर लगाए गए गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ शाहपुर थाने में दहेज उत्पीड़न, ब्लैकमेल, हत्या के प्रयास और बिना तलाक दूसरी शादी करने जैसे आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता के अनुसार उसकी शादी 29 नवंबर 2019 को छत्तीसगढ़ निवासी एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉक्टर से हुई थी। महिला का कहना है कि उसके पिता ने विवाह समारोह में लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए थे और शादी धूमधाम से संपन्न हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज में फॉर्च्यूनर कार की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उसका पति कई बार कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर देता था। बेहोशी की हालत में उसके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे और उसके परिवार को ब्लैकमेल किया गया। पीड़िता का कहना है कि परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उसके माता-पिता ने 28 मार्च 2022 को फॉर्च्यूनर कार खरीदने के नाम पर 32.50 लाख रुपये ससुराल पक्ष को दिए।
महिला ने बताया कि 14 अप्रैल 2022 को उसने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ होने वाला उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। उसका आरोप है कि दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना लगातार जारी रही। इसी दौरान उसे यह भी पता चला कि उसके पति ने बिना तलाक दिए एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत एक अन्य महिला डॉक्टर से दूसरी शादी कर ली है। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने का प्रयास भी किया गया।
पीड़िता का कहना है कि उसने लंबे समय तक परिवार को बचाने और सामाजिक सम्मान बनाए रखने के लिए सब कुछ सहन किया, लेकिन जब स्थिति असहनीय हो गई तो उसने कानून का सहारा लेने का फैसला किया। इसके बाद उसने शाहपुर थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। लोग इसे बेहद गंभीर घटना मान रहे हैं और कह रहे हैं कि यदि एक शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला डॉक्टर के साथ इस प्रकार की घटनाएं हो सकती हैं तो समाज की अन्य महिलाओं की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इस घटना ने दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर फिर से बहस छेड़ दी है।
शाहपुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ हत्या के प्रयास, दहेज उत्पीड़न, बिना तलाक दूसरी शादी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला केवल एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि समाज में दहेज, घरेलू हिंसा और महिलाओं के शोषण जैसी समस्याओं की गंभीरता को भी सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में पीड़ित महिलाओं को समय पर कानूनी सहायता और सामाजिक सहयोग मिलना बेहद आवश्यक है, ताकि वे बिना किसी डर के न्याय की लड़ाई लड़ सकें। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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