उत्तर प्रदेश

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल, दो छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ी

nidhi
4 Oct 2026 8:22 AM IST
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल, दो छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ी
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दो छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने भेजा अस्पताल

प्रयागराज : इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे दो छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि दोनों छात्र नेता लगातार अनशन पर बैठे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तनातनी की स्थिति भी बनी।

छात्र नेताओं की भूख हड़ताल को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में पहले से ही माहौल गर्म था। आंदोलन से जुड़े छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। अनशन लंबा खिंचने के कारण दो छात्र नेताओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा। उनकी हालत खराब होने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।
पुलिस ने स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को देखते हुए दोनों छात्र नेताओं को अस्पताल जाने के लिए कहा। हालांकि कथित तौर पर छात्र नेता अपना अनशन जारी रखना चाहते थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। आंदोलनकारी छात्रों ने इसे जबरन अस्पताल भेजने की कार्रवाई बताया है। अस्पताल में दोनों छात्र नेताओं की चिकित्सकीय जांच की गई। लंबे समय तक भोजन नहीं करने से शरीर में कमजोरी और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं होने की आशंका रहती है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल उनके स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
दो छात्र नेताओं को अस्पताल भेजे जाने के बाद आंदोलन से जुड़े अन्य छात्रों में नाराजगी देखी गई। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका जोर है कि आंदोलन समाप्त कराने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन को बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
दूसरी ओर, किसी भी अनशनकारी की तबीयत गंभीर होने पर प्रशासन के सामने उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में मेडिकल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराने की कार्रवाई की जाती है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के इस मामले में भी पुलिस की कार्रवाई को छात्र नेताओं की बिगड़ती सेहत से जोड़कर देखा जा रहा है।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस और प्रशासन की नजर आंदोलन की स्थिति पर बनी हुई है। छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत की स्थिति आगे आंदोलन की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल दो छात्र नेताओं को अस्पताल पहुंचाए जाने के बावजूद आंदोलन से जुड़ा विवाद समाप्त नहीं हुआ है। अन्य छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आने वाले समय में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और छात्र संगठन आंदोलन को लेकर क्या रणनीति बनाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।

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