उत्तर प्रदेश

उद्यान विभाग की योजना से बदली किसान डिम्पल सिंह की किस्मत

Kavita2
18 Sept 2026 5:27 PM IST
उद्यान विभाग की योजना से बदली किसान डिम्पल सिंह की किस्मत
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लखीमपुर खीरी। परंपरागत तरीके से बागवानी और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकारी योजनाएं नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रही हैं। इसी का उदाहरण बिजुआ क्षेत्र के ग्राम प्रतापटांडा निवासी किसान डिम्पल सिंह हैं, जिन्होंने उद्यान विभाग की योजना का लाभ लेकर लौकी की खेती में बेहतर उत्पादन हासिल किया है।

किसान डिम्पल सिंह लंबे समय से पारंपरिक तरीके से खेती करते आ रहे थे। लेकिन उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने खेती के आधुनिक तरीकों को अपनाने का फैसला किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत शाकभाजी कार्यक्रम में अपना पंजीकरण कराया। योजना के तहत उन्हें उन्नत बीज और फसल प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

उन्नत बीज और तकनीकी सहयोग मिला

योजना के तहत डिम्पल सिंह को 0.6 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लौकी की खेती के लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा फसल की तुड़ाई के बाद उपज को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें नौ प्लास्टिक क्रेट भी दिए गए।

किसान ने बताया कि उन्हें उद्यान विभाग की ओर से बीएसएस-333-प्रतीक प्रजाति का 0.9 किलोग्राम बीज उपलब्ध कराया गया था। विभागीय तकनीक के अनुसार बीज तैयार कर खेत में रोपाई की गई।

उन्होंने बताया कि खेती के दौरान उन्हें उद्यान विभाग के कर्मचारियों का लगातार सहयोग मिला। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने समय-समय पर फोन के माध्यम से और खेत पर पहुंचकर फसल की देखभाल को लेकर जरूरी सलाह दी।

आधुनिक तकनीक से बढ़ा उत्पादन

डिम्पल सिंह ने बताया कि उन्नत बीज, वैज्ञानिक तरीके से बीज रोपण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का असर फसल उत्पादन में साफ दिखाई दिया।

सही समय पर देखभाल और तकनीकी सलाह मिलने से लौकी की फसल अच्छी हुई। उन्हें करीब 165 क्विंटल लौकी की उपज प्राप्त हुई।

किसान के अनुसार, पहले वह पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, लेकिन योजना से जुड़ने के बाद उन्हें नई तकनीकों और बेहतर बीजों का लाभ मिला। इससे उत्पादन में बढ़ोतरी हुई और खेती से मिलने वाली आय की संभावनाएं भी बढ़ीं।

किसानों के लिए प्रेरणा बना उदाहरण

डिम्पल सिंह की सफलता उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो अभी भी पुराने तरीकों से खेती कर रहे हैं। कृषि और उद्यान विभाग लगातार किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज, उचित प्रबंधन और समय पर तकनीकी सलाह मिलने से सब्जी उत्पादन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। इससे किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं।

योजना का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना

मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का उद्देश्य किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है।

सब्जियों की खेती में बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को उन्नत बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे किसान कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

डिम्पल सिंह ने बताया कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। उन्होंने अन्य किसानों से भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने की अपील की।

बढ़ती आय की ओर बढ़ा कदम

लौकी जैसी सब्जियों की खेती किसानों के लिए कम समय में बेहतर आमदनी का माध्यम बन सकती है। यदि किसानों को सही बीज और तकनीकी जानकारी मिल जाए तो उत्पादन में काफी सुधार किया जा सकता है।

डिम्पल सिंह की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।

उद्यान विभाग की मदद से शुरू हुआ यह प्रयास अब सफलता की मिसाल बन गया है। 165 क्विंटल लौकी की पैदावार ने साबित किया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से किसान अपनी आय और उत्पादन दोनों बढ़ा सकते हैं।

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