उत्तर प्रदेश

सर्पदंश का दर्दनाक मामला: बेटे की मौत के एक महीने बाद मां बनी सांप का शिकार

nidhi
1 Aug 2026 6:43 AM IST
सर्पदंश का दर्दनाक मामला: बेटे की मौत के एक महीने बाद मां बनी सांप का शिकार
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सोते समय चारपाई पर चढ़ा सांप, बेटे की मौत के बाद अब मां को डसा, इलाके में दहशत
बिनौली : एक महीने पहले जिस परिवार ने सर्पदंश से अपने जवान बेटे को खोया था, उसी परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस बार घर में चारपाई पर सो रही मां को सांप ने डस लिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। यह दर्दनाक घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और ग्रामीणों में भय का माहौल है।
एक महीने पहले बेटे की हुई थी मौत
परिजनों के अनुसार करीब एक माह पहले परिवार के बेटे की भी सांप के काटने से मौत हो गई थी। बेटे की असमय मौत से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि मां भी सर्पदंश का शिकार हो गई। लगातार दो घटनाओं ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
बताया जा रहा है कि बेटे की मौत के बाद परिवार बेहद सतर्क रहने की कोशिश कर रहा था। रात में घर के आसपास सफाई रखी जा रही थी और सोने से पहले भी सावधानी बरती जाती थी। इसके बावजूद सांप घर में घुस आया और चारपाई पर सो रही महिला को डस लिया।
देर रात हुई घटना
जानकारी के अनुसार महिला अपने घर में चारपाई पर सो रही थी। आधी रात के दौरान अचानक उसे पैर में तेज दर्द महसूस हुआ। पहले तो उसने इसे सामान्य कीड़े के काटने की घटना समझा, लेकिन कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के लोगों ने जब टॉर्च की रोशनी में देखा तो चारपाई के नीचे सांप दिखाई दिया।
सांप को देखते ही घर में हड़कंप मच गया। पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए और महिला को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल में चल रहा उपचार
स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने उसे एंटी-स्नेक वेनम (ASV) दिया और निगरानी में रखा। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण महिला की हालत फिलहाल नियंत्रण में है, हालांकि अगले 24 से 48 घंटे तक निगरानी जरूरी रहेगी।
परिजनों ने बताया कि बेटे की मौत के बाद वे किसी भी सर्पदंश की घटना को हल्के में नहीं लेते। इसी वजह से महिला को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया गया।
गांव में दहशत का माहौल
लगातार दो बार एक ही परिवार में सर्पदंश की घटना सामने आने के बाद पूरे गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और जलभराव वाले इलाकों से सांप निकलकर घरों में घुस रहे हैं। कई लोगों ने रात में घरों के आसपास सांप देखे जाने की बात भी कही।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में विशेष अभियान चलाकर सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञों की व्यवस्था करने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है।
बरसात में बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान बिलों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों और आंगनों तक पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी के मकान, झाड़ियां, लकड़ी और भूसे के ढेर उनके छिपने के लिए अनुकूल स्थान बन जाते हैं। यही कारण है कि जुलाई से सितंबर के बीच सर्पदंश की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को सलाह देता है कि रात में जमीन पर सोने से बचें, घर के आसपास साफ-सफाई रखें, टॉर्च का इस्तेमाल करें और सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें।
समय पर इलाज से बच सकती है जान
डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए सर्पदंश के बाद घबराने के बजाय मरीज को शांत रखें और जितनी जल्दी हो सके निकटतम अस्पताल पहुंचाएं। झाड़-फूंक, चीरा लगाने या जहर चूसने जैसे पारंपरिक उपाय नुकसानदायक हो सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बरसात के मौसम में सर्पदंश को लेकर जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। जिस परिवार ने एक माह पहले बेटे को खोया, उसी परिवार की मां का सर्पदंश का शिकार होना पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीण अब प्रशासन से ठोस कदम उठाने और जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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