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उत्तर प्रदेश
Water की समस्या खत्म होने की उम्मीद, लोगों में उत्साह
Kanchan Paikara
2 July 2026 4:59 PM IST

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New Delhi/Shekhawati : दशकों से लंबित यमुना जल समझौते को आखिरकार नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच अंतिम रूप दे दिया गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
समझौते के तहत अब हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए यमुना का पानी सीधे राजस्थान को मिलेगा। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से भूजल स्तर बेहद नीचे चला गया है और कई इलाकों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा भी अधिक पाई जाती है।
तीन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ शेखावाटी के तीनों जिलों सीकर, झुंझुनूं और चूरू को मिलने वाला है। इन क्षेत्रों में वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई थी। कई गांवों में भूजल स्तर डार्क जोन तक पहुंच चुका था, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
अब यमुना का पानी पाइपलाइन के जरिए आने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
सिंचाई और कृषि क्षेत्र को भी राहत
इस जल समझौते से केवल पेयजल ही नहीं, बल्कि सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। ऊपरी यमुना बेसिन की प्रमुख परियोजनाओं जैसे रेणुकाजी, लखवार और व्यासी बांधों के पूर्ण होने के बाद शेखावाटी क्षेत्र के किसानों को चरणबद्ध तरीके से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे कृषि उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद
पाइपलाइन के जरिए यमुना जल की आपूर्ति शुरू होने से शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। इससे न केवल पीने के पानी की समस्या कम होगी, बल्कि उद्योगों और कृषि क्षेत्र को भी स्थिर जल आपूर्ति मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति बताया है।
किसानों में खुशी की लहर
सीकर के हर्ष गांव के किसान शंकर सैनी ने कहा कि यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से क्षेत्र में पानी की कमी के कारण खेती प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब स्थिति बदलने की उम्मीद है।
किसानों और आमजन दोनों ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया है।
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