उत्तर प्रदेश

Cashless चिकित्सा योजना में फंसा पेंच, हजारों शिक्षक कर रहे इंतजार

Ratna Netam
21 July 2026 5:08 PM IST
Cashless  चिकित्सा योजना में फंसा पेंच, हजारों शिक्षक कर रहे इंतजार
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Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए शुरू की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ पाने में तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनवाने के लिए किए गए हजारों आवेदन ई-केवाईसी की समस्या के कारण लंबित पड़े हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के करीब 87 हजार आवेदन अभी तक लंबित हैं। इनमें से लगभग 53 हजार आवेदन खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के स्तर पर अटके हुए हैं, जबकि करीब 34 हजार आवेदन बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) के पास लंबित हैं। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण इन शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड जारी नहीं हो पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत सरकार ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी से राहत देना और अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।

हालांकि, योजना के क्रियान्वयन के दौरान ई-केवाईसी से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में शिक्षकों के आवेदन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कई शिक्षक लंबे समय से अपने चिकित्सा कार्ड बनने का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं, जिन शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड बन चुके हैं, उन्हें योजना का लाभ मिलना भी शुरू हो गया है। अब तक करीब 150 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल चुका है। इसके बाद अन्य शिक्षक भी जल्द से जल्द अपना कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हुए हैं।

प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की संख्या चार लाख से अधिक है। इनमें से 4.19 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक करीब 2.74 लाख शिक्षकों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि ई-केवाईसी की समस्या के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण किया जाए और तकनीकी समस्याओं को दूर किया जाए, ताकि सभी पात्र शिक्षकों को समय पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल सके।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लंबित आवेदनों की समीक्षा की जा रही है। बीईओ और बीएसए स्तर पर रुके हुए फॉर्म की जांच कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि अधिक से अधिक शिक्षकों को जल्द से जल्द कैशलेस चिकित्सा कार्ड उपलब्ध कराया जा सके।

शिक्षकों का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में कैशलेस सुविधा काफी मददगार साबित हो सकती है। इलाज के दौरान पहले भुगतान करने की परेशानी खत्म होने से शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

फिलहाल विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने और ई-केवाईसी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की है। यदि प्रक्रिया में तेजी लाई जाती है तो आने वाले समय में अधिक संख्या में शिक्षक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

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