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उत्तर प्रदेश
हिंडन एयरपोर्ट को नहीं मिली सब्सिडी 25 शहरों से सिमटकर 7 रह गई उड़ान
nidhi
18 Sept 2026 7:17 AM IST

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उड़ान योजना की रफ्तार धीमी
साहिबाबाद : क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना को हिंडन एयरपोर्ट पर झटका लगा है। गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या में भारी कमी आई है। कभी यहां से करीब 25 शहरों के लिए उड़ानें संचालित होती थीं, जो अब घटकर लगभग 7 शहरों तक सीमित रह गई हैं। हिंडन एयरपोर्ट को UDAN योजना के तहत क्षेत्रीय उड़ानों के लिए विकसित किया गया था। इसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को कम दूरी वाले शहरों से जोड़ना था। भारतीय वायुसेना के हिंडन एयरबेस के पास बने सिविल टर्मिनल से 2019 में व्यावसायिक उड़ान सेवाओं की शुरुआत हुई थी।
सब्सिडी नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
UDAN योजना में एयरलाइंस को कम किराये पर उड़ान संचालन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) यानी वित्तीय सहायता दी जाती है। इस सहायता का उद्देश्य छोटे शहरों के रूट को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना है। हिंडन एयरपोर्ट से जुड़े रूटों पर लंबे समय से सब्सिडी नहीं मिलने की बात सामने आने के बाद एयरलाइंस के लिए कई मार्गों को जारी रखना मुश्किल हुआ। कम यात्री संख्या, परिचालन लागत और आर्थिक दबाव के कारण कई रूट बंद या सीमित हो गए।
25 शहरों से घटकर 7 रूट
शुरुआत में हिंडन से देश के कई छोटे और मध्यम शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की गई थीं। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों के शहर शामिल थे। लेकिन समय के साथ कई एयरलाइंस ने कुछ रूट बंद कर दिए या संचालन कम कर दिया। इसका असर यात्रियों पर भी पड़ा है। दिल्ली-एनसीआर के आसपास रहने वाले लोगों को अब कई शहरों के लिए दोबारा दिल्ली एयरपोर्ट या अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
UDAN योजना का उद्देश्य
सरकार ने वर्ष 2016 में UDAN योजना शुरू की थी, जिसका लक्ष्य छोटे शहरों और क्षेत्रीय इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना था। योजना के तहत कम किराये वाली उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार योजना के तहत कई एयरपोर्ट, रूट और यात्रियों को फायदा मिला है।
आगे की चुनौती
हिंडन एयरपोर्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्रीय उड़ानों को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखना है। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे शहरों के रूट पर यात्री मांग, एयरलाइन की लागत और सरकारी सहायता तीनों का संतुलन जरूरी है। अगर सब्सिडी और परिचालन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। वहीं यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में हिंडन से ज्यादा शहरों के लिए उड़ान सेवाएं फिर शुरू हो सकेंगी।
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