उत्तर प्रदेश

UP रोडवेज कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी

Ratna Netam
17 Aug 2026 7:39 PM IST
UP  रोडवेज कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी **UPSRTC** से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। निगम में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर कदम उठाए गए हैं। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ने की उम्मीद है। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों में सुधार को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पहले भी फैसले ले चुकी है। सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ₹16,000 से ₹20,000 तक मासिक मानदेय की व्यवस्था को मंजूरी दी थी।
परिवहन निगम में ड्राइवर, परिचालक, कार्यशाला और अन्य व्यवस्थाओं में बड़ी संख्या में संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारियों की लंबे समय से मांग रही है कि बढ़ती महंगाई और काम के दबाव को देखते हुए उनके पारिश्रमिक में समय-समय पर संशोधन किया जाए।
मानदेय में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी से राहत
नई व्यवस्था के तहत संबंधित आउटसोर्स कर्मचारियों के मौजूदा मानदेय में **5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी** की बात सामने आई है। इसका सीधा फायदा कर्मचारियों की मासिक आय में दिखाई देगा। उदाहरण के लिए किसी कर्मचारी का मौजूदा मानदेय ₹15,000 है तो पांच प्रतिशत की वृद्धि के बाद इसमें ₹750 की बढ़ोतरी होगी।
इसी तरह ₹20,000 मानदेय पाने वाले कर्मचारी को पांच प्रतिशत बढ़ोतरी के हिसाब से ₹1,000 अतिरिक्त मिल सकते हैं। हालांकि वास्तविक बढ़ा हुआ भुगतान कर्मचारी की श्रेणी, मौजूदा पारिश्रमिक और लागू आदेश की शर्तों पर निर्भर करेगा।
इसलिए सभी कर्मचारियों को एक समान रकम बढ़कर मिलेगी, ऐसा जरूरी नहीं है।
पहले भी बढ़ाया गया था कर्मचारियों का मानदेय
UPSRTC के आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में इससे पहले भी संशोधन किया गया है। मई 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार परिवहन निगम की कार्यशालाओं में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार करीब **₹3,000 से ₹5,000 तक की वृद्धि** की गई थी।
इससे साफ है कि परिवहन निगम आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक और कार्य परिस्थितियों में चरणबद्ध तरीके से सुधार करने की दिशा में कदम उठा रहा है।
प्रदेश सरकार ने सितंबर 2025 में भी विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार का बड़ा फैसला किया था। इसके तहत ₹16,000 से ₹20,000 मासिक मानदेय के साथ समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई थी।
आउटसोर्स कर्मचारियों की बड़ी भूमिका
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के संचालन में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका लगातार बढ़ी है। निगम बसों के संचालन के साथ विभिन्न पदों पर आउटसोर्स और संविदा व्यवस्था का इस्तेमाल करता रहा है।
सितंबर 2024 में निगम ने करीब **5,000 ड्राइवर और 10,000 परिचालक** आउटसोर्सिंग के माध्यम से जोड़ने की योजना बनाई थी। उस समय UPSRTC का कुल कार्यबल करीब 55 हजार बताया गया था।
2026 में भी अलग-अलग क्षेत्रों में थर्ड पार्टी व्यवस्था से परिचालकों की भर्ती की गई है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी और मिर्जापुर के लिए अगस्त में सामने आई 64 परिचालक पदों की भर्ती में मासिक वेतन ₹13,172 बताया गया था।
समय पर भुगतान भी बड़ी प्राथमिकता
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए केवल मानदेय बढ़ना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसका समय पर मिलना भी जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में कर्मचारियों को हर महीने की पहली से पांच तारीख के बीच भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया था।
पुरानी व्यवस्था में कई बार एजेंसी के माध्यम से भुगतान होने के कारण कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिलने या भुगतान में देरी जैसी शिकायतें सामने आती थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया है।
कर्मचारियों के बजट पर पड़ेगा असर
पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रतिशत के लिहाज से भले ही बहुत बड़ी न दिखाई दे, लेकिन कम और मध्यम मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हर महीने मिलने वाली अतिरिक्त रकम उपयोगी साबित हो सकती है।
महंगाई के दौर में दैनिक जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, मकान किराया और परिवहन जैसे खर्च लगातार बढ़े हैं। ऐसे में कर्मचारियों के मानदेय में नियमित संशोधन की मांग लंबे समय से उठती रही है।
मानदेय बढ़ने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने के साथ परिवहन निगम की सेवाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव बढ़ी हुई राशि कर्मचारियों के खातों में आने और नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब कर्मचारियों को बढ़े भुगतान का इंतजार
UPSRTC प्रदेश के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में शामिल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों को बस सेवा उपलब्ध कराता है। इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है।
ऐसे में मानदेय में बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ा हुआ मानदेय कब से उनके भुगतान में दिखाई देता है और अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों को इसका कितना लाभ मिलता है।
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