उत्तर प्रदेश

UP विधानसभा में हंगामे का हाई वोल्टेज ड्रामा, बजट चर्चा के दौरान बढ़ा तनाव

Ratna Netam
4 Aug 2026 6:39 PM IST
UP   विधानसभा में हंगामे का हाई वोल्टेज ड्रामा, बजट चर्चा के दौरान बढ़ा तनाव
x
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा पूरे दिन सदन की कार्यवाही पर छाया रहा। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया, जबकि सरकार ने निर्धारित कार्यसूची के अनुसार अनुपूरक बजट पेश करने और अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई और अंततः हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और सरकार को इस पर सदन में जवाब देना चाहिए। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यसूची का हवाला देते हुए तत्काल चर्चा की अनुमति नहीं दी। इसके बाद समाजवादी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर में सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार ने इसे प्रदेश के विकास, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, उद्योग, ऊर्जा और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने वाला बजट बताया। विपक्ष ने हालांकि बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर बहस कराने की अपनी मांग दोहराई और विरोध जारी रखा।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अनुपूरक बजट पर सरकार का पक्ष रखने के लिए खड़े हुए। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान भी समाजवादी पार्टी के विधायक नारेबाजी करते रहे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अनुपूरक बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता के विकास और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लोकतांत्रिक बहस के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने का रास्ता अपना रहा है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं के समाधान का मंच है, लेकिन विपक्ष लगातार व्यवधान पैदा कर लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सदन के बहुमूल्य समय को बर्बाद कर रही है और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है।
हंगामा उस समय और बढ़ गया जब फिरोजाबाद की जसराना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान विरोध स्वरूप पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पहले उन्हें पोस्टर हटाने और अपनी सीट पर लौटने की चेतावनी दी, लेकिन विरोध जारी रहने पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई करते हुए सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी।
अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह का आचरण दोहराया गया तो विशेषाधिकार समिति के माध्यम से सदस्यता समाप्त करने जैसी कठोर कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है। अध्यक्ष के आदेश के बाद जब मार्शल विधायक सचिन यादव को सदन से बाहर ले जाने पहुंचे तो समाजवादी पार्टी के अन्य विधायक उनके समर्थन में आगे आ गए। इस दौरान मार्शलों और विपक्षी सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया, जबकि समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को गंभीर बताते हुए सरकार पर जवाब देने से बचने का आरोप लगाया। मानसून सत्र के दूसरे दिन का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ गया और सदन में राजनीतिक टकराव अपने चरम पर दिखाई दिया।
Next Story