उत्तर प्रदेश

हेलीकॉप्टर लैंडिंग रोकी गई अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना

Ratna Netam
10 Sept 2026 4:38 PM IST
हेलीकॉप्टर लैंडिंग रोकी गई अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना
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बुलंदशहर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। 11 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए अखिलेश यादव के हेलीकॉप्टर को बुलंदशहर पुलिस लाइन मैदान में उतरने की अनुमति नहीं मिली। प्रशासन ने सुरक्षा और तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए लैंडिंग की अनुमति देने से इनकार किया है। वहीं अखिलेश यादव ने हेलीपैड का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें बुलंदशहर आने से रोकने के लिए प्रशासन बहाने तलाश रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिस हेलीपैड पर जलभराव की बात कही जा रही है, वहां दूर-दूर तक पानी दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञों से सपा पदाधिकारियों की मौजूदगी में कराने की मांग की है।
हेलीपैड का वीडियो दिखाकर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुलिस लाइन के हेलीपैड का वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि हेलीपैड पर कहीं जलभराव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमेंट, गारा और पेवर ब्लॉक्स का हवाला देकर उनके कार्यक्रम को रद्द करने का बहाना बनाया जा रहा है।
अखिलेश ने इसे शासन के कथित गुप्त निर्देशों से जोड़ते हुए मांग की कि हेलीपैड की स्थिति की जांच स्वतंत्र विशेषज्ञों से कराई जाए और इस दौरान समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद रहें।
उनका कहना था कि इससे यह साफ हो जाएगा कि हेलीपैड वास्तव में हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए अनुपयुक्त है या प्रशासन की ओर से दिया जा रहा कारण सही नहीं है।
सड़क मार्ग को लेकर भी कसा तंज
हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने पर अखिलेश यादव ने सड़क व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने सवाल किया कि अगर वह सड़क मार्ग से बुलंदशहर आने की कोशिश करेंगे तो क्या उस समय एक्सप्रेसवे, हाईवे या दूसरी सड़कों की खराब हालत का हवाला देकर उन्हें रोका जाएगा।
अखिलेश ने तंज करते हुए कहा कि सड़कें तो वास्तव में खराब हालत में हैं। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर हेलीपैड और मौसम जैसी समस्याएं विपक्ष के कार्यक्रमों के समय ही क्यों सामने आती हैं।
सपा प्रमुख के इस बयान के बाद मामला केवल हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति तक सीमित नहीं रहा और इसने राजनीतिक रंग ले लिया।
11 सितंबर को था बुलंदशहर का कार्यक्रम
अखिलेश यादव का 11 सितंबर को बुलंदशहर जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। वहां उन्हें पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करनी थी।
इसके अलावा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित थी। दौरे को लेकर स्थानीय समाजवादी पार्टी संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी थीं।
अखिलेश को हेलीकॉप्टर से बुलंदशहर पहुंचना था और पुलिस लाइन मैदान में उतरने की योजना थी। इसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन तकनीकी रिपोर्ट के बाद लैंडिंग की इजाजत नहीं दी गई।
इसके बाद कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई और अंततः प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया। स्थानीय सपा नेताओं ने कहा कि कार्यक्रम की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
प्रशासन ने क्या कारण बताया?
अखिलेश यादव के आरोपों के बीच बुलंदशहर पुलिस-प्रशासन ने अपना पक्ष भी सामने रखा है।
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय के मुताबिक हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए संबंधित तकनीकी विभाग से औपचारिक रिपोर्ट मांगी गई थी। तकनीकी जांच में पुलिस लाइन मैदान को सुरक्षित हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया।
प्रशासन का कहना है कि फैसला राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि VVIP सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया गया।
वहीं सिटी मजिस्ट्रेट जेपी पांडेय ने पुलिस लाइन मैदान में पानी भरे होने को अनुमति नहीं देने का कारण बताया।
यानी प्रशासन का आधिकारिक पक्ष यही है कि सुरक्षा और तकनीकी स्थितियों के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई।
अखिलेश ने प्रशासन के दावे को दी चुनौती
अखिलेश यादव का सबसे बड़ा सवाल प्रशासन द्वारा बताई गई हेलीपैड की स्थिति को लेकर है।
उन्होंने वीडियो साझा कर दावा किया कि जिस जलभराव की बात की जा रही है, वह मौके पर दिखाई नहीं दे रहा। यही कारण है कि उन्होंने निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग उठाई।
अखिलेश का आरोप है कि कार्यक्रम रोकने के लिए जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बताई जा रही हैं, जिनके आधार पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जा सके।
दूसरी तरफ प्रशासन इन आरोपों को खारिज कर रहा है और सुरक्षा रिपोर्ट का हवाला दे रहा है।
ऐसे में अब विवाद दो अलग दावों पर खड़ा है। एक तरफ प्रशासन की तकनीकी और सुरक्षा रिपोर्ट है तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव की ओर से साझा किया गया मौके का वीडियो और उनकी निष्पक्ष जांच की मांग है।
सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी
हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने से स्थानीय समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिली।
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली समेत पार्टी नेताओं ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पार्टी के कार्यक्रम में जानबूझकर बाधा पैदा की जा रही है।
स्थानीय नेताओं ने वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया, लेकिन बाद में 11 सितंबर का प्रस्तावित दौरा निरस्त होने की जानकारी सामने आई।
अब समाजवादी पार्टी कार्यक्रम के लिए नई तारीख तय कर सकती है।
विपक्ष के कार्यक्रम रोकने का लगाया आरोप
अखिलेश यादव लंबे समय से उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर विपक्ष के कार्यक्रमों में प्रशासनिक बाधाएं पैदा करने के आरोप लगाते रहे हैं।
बुलंदशहर की घटना के बाद उन्होंने इसी मुद्दे को फिर उठाया। उनका कहना है कि प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के राजनीतिक कार्यक्रमों को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि इस मामले में प्रशासन ने स्पष्ट रूप से किसी राजनीतिक कारण से इनकार किया है।
प्रशासन का कहना है कि VVIP मूवमेंट के दौरान सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई।
वीडियो बना सियासी हथियार
इस पूरे विवाद में अखिलेश यादव की ओर से जारी वीडियो सबसे ज्यादा चर्चा में है।
आमतौर पर हेलीपैड की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों से जुड़ा फैसला प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है, लेकिन अखिलेश ने मौके का वीडियो सार्वजनिक कर इसे सीधे राजनीतिक बहस में बदल दिया।
वीडियो के जरिए उनका उद्देश्य प्रशासन के जलभराव संबंधी दावे को चुनौती देना था।
हालांकि केवल वीडियो से यह तय नहीं किया जा सकता कि कोई हेलीपैड विमानन और VVIP सुरक्षा के सभी तकनीकी मानकों पर सुरक्षित था या नहीं। यही वजह है कि अखिलेश ने भी स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की है।
दौरा रद्द होने से और गरमाई राजनीति
विवाद के बाद अखिलेश यादव का 11 सितंबर का बुलंदशहर दौरा रद्द कर दिया गया। इससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
समाजवादी पार्टी इसे विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों में बाधा डालने से जोड़ रही है, जबकि प्रशासन इसे पूरी तरह सुरक्षा और तकनीकी मानकों से जुड़ा निर्णय बता रहा है।
बुलंदशहर का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।
अखिलेश यादव विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए जिलों में पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं।
ऐसे में उनका कोई राजनीतिक कार्यक्रम रद्द होना स्वाभाविक रूप से बड़े सियासी विवाद का रूप ले रहा है।
अखिलेश के सवाल का अब प्रशासन पर दबाव
अखिलेश यादव ने वीडियो सार्वजनिक कर प्रशासन के सामने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—अगर मैदान में जलभराव नहीं है तो हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति आखिर किस तकनीकी आधार पर नहीं दी गई?
प्रशासन ने इसका जवाब सुरक्षा मानकों और तकनीकी रिपोर्ट के जरिए दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में मैदान को सुरक्षित लैंडिंग के अनुकूल नहीं पाया गया था।
इसलिए दोनों पक्षों के दावों में अंतर बना हुआ है।
एक तरफ सपा इसे राजनीतिक बाधा बता रही है, जबकि दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि निर्णय VVIP सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
फिलहाल 11 सितंबर का प्रस्तावित बुलंदशहर दौरा रद्द हो चुका है। लेकिन हेलीकॉप्टर की लैंडिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता दिखाई नहीं दे रहा। अखिलेश यादव के वीडियो और प्रशासन की तकनीकी रिपोर्ट के बीच अब यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया आरोप-प्रत्यारोप बन गया है।
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