उत्तर प्रदेश

यूपी में झमाझम बारिश का दौर शुरू कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

Ratna Netam
7 Aug 2026 9:18 PM IST
यूपी में झमाझम बारिश का दौर शुरू कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
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उत्तर प्रदेश : मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को जारी पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आगामी दिनों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी, जिससे कई जिलों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और नदियों-नालों के उफान पर आने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक फैला चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके प्रभाव से निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणी भी अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है और श्रीगंगानगर, दिल्ली, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, रांची होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा दक्षिणी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के आसपास ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण अगले 24 घंटे में तटीय पश्चिम बंगाल और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह नया निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मानसूनी हवाएं और अधिक मजबूत होंगी, जिससे कई स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है।
शुक्रवार के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इनमें शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर प्रमुख हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
आठ अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर सहित आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद नौ और 10 अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है। नौ अगस्त को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में तेज बारिश हो सकती है। वहीं 10 अगस्त को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। 11 अगस्त को आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। संभल जिले के गुन्नौर में सबसे अधिक 134 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की श्रेणी में आती है। इसके अलावा बुलंदशहर के नरौरा में 110.4 मिलीमीटर, हमीरपुर के राठ में 93 मिलीमीटर, जालौन के कालपी में 86.8 मिलीमीटर, बागपत के खेकड़ा में 84 मिलीमीटर, फिरोजाबाद में 76 मिलीमीटर, महोबा के चरखारी में 74 मिलीमीटर और मुजफ्फरनगर के जानसठ में 67.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों, अंडरपास और कच्ची सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित होने, पेड़ों के गिरने और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि भारी बारिश के चलते छोटी नदियों और मौसमी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से सुरक्षित भवनों में रहने, बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रदेश में अब तक मानसून के दौरान 331.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 409 मिलीमीटर होना चाहिए था। यानी उत्तर प्रदेश में अभी भी सामान्य से लगभग 19 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन अगले कुछ दिनों की तेज वर्षा इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।
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