उत्तर प्रदेश

भारी बारिश बनी मुसीबत UP के कई जिलों में अलर्ट प्रशासन सतर्क

Ratna Netam
26 Aug 2026 9:14 PM IST
भारी बारिश बनी मुसीबत UP के कई जिलों में अलर्ट प्रशासन सतर्क
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उत्तर प्रदेश : मानसून का असर एक बार फिर तेज हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने यूपी के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं खराब मौसम और बारिश से जुड़े हादसों में अब तक कई लोगों की जान जाने की खबर सामने आई है।
लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव, बिजली गिरने, पेड़ गिरने और मकान क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
7 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज हुआ है। कई जिलों में अगले कुछ घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
प्रशासन ने रेड अलर्ट वाले जिलों में अधिकारियों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़े
प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर राहत कार्य चलाने की तैयारी कर रही हैं।
खराब मौसम से हादसों में 10 की मौत
बारिश और खराब मौसम के कारण प्रदेश में अलग-अलग हादसे सामने आए हैं। बिजली गिरने, मकान गिरने और अन्य दुर्घटनाओं में करीब 10 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसों के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
अधिकारियों ने लोगों से बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूर रहने की अपील की है।
बिजली गिरने का बढ़ा खतरा
मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं सबसे ज्यादा चिंता का कारण बनती हैं। बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज गरज-चमक के दौरान घरों के अंदर रहें और बिजली के उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें।
खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
नदियों के जलस्तर पर नजर
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। खासकर तराई और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए राहत सामग्री और बचाव टीमों को तैयार रखा गया है।
स्कूलों और यातायात पर भी असर
कई जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूलों और सामान्य गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। कुछ जगहों पर प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए जरूरी कदम उठाए हैं।
जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है और कई मार्गों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को राहत कार्यों के लिए तैयार रहने तथा लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
बारिश जहां कई फसलों के लिए फायदेमंद होती है, वहीं ज्यादा बारिश किसानों के लिए नुकसान का कारण भी बन सकती है।
खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। किसान अब मौसम के आगे के रुख को लेकर चिंतित हैं।
कृषि विभाग भी प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटा रहा है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
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