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उत्तर प्रदेश में हीटवेव अलर्ट, CM ने प्रशासन और अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अगले सप्ताह कई जिलों में तेज़ गर्मी और हीटवेव की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रशासनिक इकाइयों, अस्पतालों और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्कता बढ़ाने और आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा है।
इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 19, 20 और 21 मई को तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है। अनुमान है कि इन दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे भीषण गर्मी और लू चलने की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को राहत और बचाव के उपाय पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष वार्ड, पर्याप्त दवाइयां और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही जिलाधिकारियों को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने, सार्वजनिक स्थानों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जरूरतमंद लोगों के लिए राहत शिविरों की तैयारी करने को कहा गया है। खासकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा है कि गर्मी के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होने वाले वर्गों जैसे बुजुर्ग, बच्चे, मजदूर और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में इमरजेंसी तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन विभाग और राहत एजेंसियों को भी सक्रिय रहने को कहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके साथ ही जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को गर्मी से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देने पर भी जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय मौसम में बदलाव और बढ़ते तापमान का असर स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। प्रशासन का मानना है कि पहले से तैयारी होने पर गर्मी से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल सभी जिलों में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





