उत्तर प्रदेश

UP की सियासत में गरमाहट CM योगी ने सपा पर लगाए गंभीर आरोप

Ratna Netam
17 Oct 2026 6:27 PM IST
UP की सियासत में गरमाहट CM योगी ने सपा पर लगाए गंभीर आरोप
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए उसे 'सैफई सिंडिकेट' करार दिया। उन्होंने राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, टकराव और दंगों जैसी घटनाओं ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है और अब धार्मिक त्योहारों तथा सांस्कृतिक आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरे प्रदेश में शारदीय नवरात्रि और रामलीला के आयोजन उत्साह एवं भक्ति के माहौल में हो रहे हैं।
समाजवादी पार्टी को बताया सैफई सिंडिकेट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की कार्यशैली की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था कुछ प्रभावशाली लोगों के हितों तक सीमित हो गई थीउन्होंने 'सैफई सिंडिकेट' शब्द का इस्तेमाल करते हुए समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और पक्षपातपूर्ण राजनीति करने का आरोप लगाया।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने वर्ष 2017 में बदलाव का निर्णय लिया और भाजपा को सरकार बनाने का अवसर दिया।उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और प्रदेश में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी है।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान हिंसा तथा तनाव की आशंका बनी रहती थी।उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन को कानूनव्यवस्था बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पर्याप्त कठोर कार्रवाई नहीं की जाती थी।उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियों के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित हुई और आम लोगों को सुरक्षा संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ीं।हालांकि, ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे हैं। विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में अपराध की वास्तविक स्थिति का तुलनात्मक आकलन आधिकारिक आंकड़ों और उनकी रिपोर्टिंग पद्धति के आधार पर किया जाना चाहिए।
नवरात्रि और रामलीला के आयोजनों का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान समय में आयोजित हो रहे शारदीय नवरात्रि और रामलीला कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा किया।उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और उत्सव शांतिपूर्ण वातावरण में मनाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों को बिना किसी भय के धार्मिक तथा सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सभी त्योहार आपसी सौहार्द, शांति और सुरक्षा के वातावरण में संपन्न हों।
अराजकता और हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।इससे पहले बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री ने दंगों और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों को चेतावनी दी थी।उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपद्रव की घटनाओं में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
प्रदेश की पहचान बदलने का किया दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश की पहचान को अपराध और अव्यवस्था से निकालकर विकास तथा सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया है।उन्होंने धार्मिक पर्यटन, बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित सरकारी पहलों का उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिल रहा है तथा धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज
मुख्यमंत्री के बयान ऐसे समय सामने आए हैं, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के कार्यक्रमों पर चुनाव आयोग से निगरानी रखने की मांग की है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी के कथित इस्तेमाल को लेकर शिकायत भी की है।इस बीच भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेता कानून-व्यवस्था, रोजगार, सरकारी भर्तियों और विकास योजनाओं को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
लोकतांत्रिक व्यवस्था और शांति बनाए रखने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता जनता के जनादेश से प्राप्त होती है और राजनीतिक मतभेदों को संवैधानिक व्यवस्था के भीतर ही व्यक्त किया जाना चाहिएउन्होंने 16 अक्टूबर को भी देश में कथित तौर पर अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों की आलोचना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि लोकतांत्रिक परिवर्तन का आधार जनता का समर्थन होना चाहिए, न कि अराजकता या हिंसाशनिवार के बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने एक बार फिर वर्ष 2017 से पहले की स्थिति और वर्तमान भाजपा सरकार के कामकाज के बीच अंतर बताने का प्रयास किया।उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। वहीं, राज्य में प्रशासनिक प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी है।
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