उत्तर प्रदेश

UP में स्वास्थ्य व्यवस्था अपग्रेड, AI मशीनों से होगी बीमारियों की सटीक जांच

Ratna Netam
1 July 2026 6:13 PM IST
UP में स्वास्थ्य व्यवस्था अपग्रेड, AI मशीनों से होगी बीमारियों की सटीक जांच
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अहम कदम उठाया है।

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक और निःशुल्क डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच प्रधानमंत्री निधि के तहत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस समझौते के तहत AI-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन, 1.5 टेस्ला एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी टोमोसिंथेसिस (DBT) मशीनों की आपूर्ति, स्थापना और संचालन किया जाएगा। यह एमओयू जून 2026 से मार्च 2036 तक प्रभावी रहेगा। इस पहल से प्रदेश के लोगों को, विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनके नजदीक ही आधुनिक रेडियोलॉजी और इमेजिंग सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना, उपचार में देरी को कम करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही जांच और इलाज की सुविधा मिल सकेगी।अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने इस पहल को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि AI आधारित आधुनिक इमेजिंग तकनीक के उपयोग से कैंसर, क्षय रोग (टीबी), हृदय रोग सहित कई गैर-संचारी रोगों (NCD) का प्रारंभिक चरण में सटीक निदान संभव हो सकेगा।

उन्होंने आगे कहा कि समय पर बीमारी की पहचान होने से इलाज अधिक प्रभावी होगा और मृत्यु दर में भी कमी आएगी। इस एमओयू का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं पहुंचाना है।सरकार का मानना है कि इस कदम से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आएगा और तकनीक आधारित स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह योजना प्रदेश के लाखों लोगों के लिए राहत और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का माध्यम बनेगी।

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