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हाथरस: मुख्यमंत्री जी की अवधारणा समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश@2047 को साकार करने के संकल्प को दिशा प्रदान करने एवं पथ प्रदर्शन हेतु जनपद हेतु नामित जनपद के नोडल अधिकारी/मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर श्री मयूर माहेश्वरी, जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय व प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में 03 थीम और 12 सेक्टरो पर आधारित बिंदुओं पर कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर संचालित योजनाओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा, समस्या एवं सुझाव प्राप्त कर मार्गदर्शन दिया।
सर्व प्रथम जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने नोडल अधिकारी/मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर मयूर माहेश्वरी, श्री राधेश्याम मिश्र से0नि0 आई0ए0एस0, मेजर आशीष शाक्य से0नि0, आर्मी मेडिकल ऑफीसर, डा0 शिवपाल सिंह जादौन से0नि0, वैज्ञानिक, रिमोट सेन्सिग अप्लीकेशन सेंटर लखनऊ तथा श्री देवेन्द्र से0नि0, मुख्य अभियंता यू0पी0पी0सी0एल का स्वागत बुके भेंटकर किया। तत्पश्चात प्रबुद्धजनों व अधिकारियों का आपसी परिचय हुआ। इस मौके पर समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश@2047 के संबंध में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार की गई लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
नोडल अधिकारी/मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर मयूर माहेश्वरी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति तथा उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास हेतु जनसहभागिता के माध्यम से फीडबैक प्राप्त करना अत्यंत उपयोगी होगा, जिससे विजन 2047 के सपने को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा पहल की गई है कि अधिक से अधिक लोग सुझाव देकर यह साझा करें कि वर्ष 2047 में वे कैसा उत्तर प्रदेश देखना चाहते हैं। इसी आधार पर समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश की अवधारणा को साकार किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी को एक सशक्त, समृद्ध एवं प्रेरणादायी भारत और उत्तर प्रदेश मिले। उन्होंने कहा कि 2047 का उत्तर प्रदेश ऐसा होना चाहिए जहाँ-हर युवा को शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। हर गाँव और शहर में आधुनिक आधारभूत सुविधाएँ हों। महिलाएँ सशक्त और आत्मनिर्भर हों। किसान समृद्ध हों और प्रदेश कृषि एवं उद्योग दोनों में अग्रणी बने। हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ हों। सांस्कृतिक धरोहर और परंपराएँ वैश्विक पहचान दिलाएँ। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी का सपना है कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश के रूप में स्थापित किया जाए। इस हेतु नोडल अधिकारी ने आह्वान किया कि सभी सहभागी ऐसा ठोस सुझाव प्रस्तुत करें, जिसे शासन स्तर पर क्रियान्वित कर प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान की जा सके।
परिचर्चा के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर नोडल अधिकारी ने कहा कि हाथरस एक कृषि प्रधान जनपद है। जिस प्रकार वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की योजना लागू है, उसी प्रकार एक गाँव एक उत्पाद की अवधारणा को भी अपनाया जा सकता है। इससे न केवल गाँव में उत्पाद का उपयोग होगा, बल्कि उसका विपणन एवं निर्यात भी किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीणों की आमदनी में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि हाथरस वर्तमान में दिल्ली, राजस्थान एवं लखनऊ से राष्ट्रीय राजमार्गों के माध्यम से सीधे जुड़ गया है। इस कनेक्टिविटी का लाभ उठाकर ग्रामीण एवं शहरीजन भ्रमण कर नई-नई चीजें सीख सकते हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर लागू कर सकते हैं। इस अवसर पर सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित किए जाने हेतु तैयार किए गए लेआउट प्लान पर आधारित लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि इसकी मॉनीटरिंग इंडस्ट्रियल एरिया कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जायेगी। नोडल अधिकारी ने अपील की कि दूरगामी और दूरदर्शी सोच के साथ अपने विचार एवं अनुभव अवश्य साझा करें। इसके लिए उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सुझाव/फीडबैक दर्ज किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यही सामूहिक भागीदारी नए उत्तर प्रदेश-नए भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगी।
बैठक के दौरान राधेश्याम मिश्र से0नि0 आई0ए0एस0 ने कहा कि विकसित भारत@2047 मा0 प्रधानमंत्री जी की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। यह मिशन समावेशी विकास, तकनीकी नवाचार और सतत प्रगति पर आधारित है। इस अवधारणा को साकार करने हेतु उत्तर प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। इस मिशन में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एक समृद्ध, समान और वैश्विक स्तर पर सम्मानित राज्य का निर्माण किया जायेगा। इस मिशन को दिशा प्रदान करने एवं पथ प्रदर्शन हेतु प्राप्त फीडबैक के आधार पर एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जायेगा। यह विजन डॉक्यूमेंट 3 थीम- अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति, जीवन शक्ति एवं 12 सेक्टर कृषि एवं सम्बद्ध, पशुधन, संरक्षण, औद्योगिक विकास, आई०टी० एवं इमर्जिंग प्रोद्योगिकी, पर्यटन, नगर एवं ग्राम्य विकास, अवस्थापना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सुरक्षा एवं सुशासन पर केन्द्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य जनमानस में जागरुकता उत्पन्न करना तथा नागरिकों की आकांक्षाओं को संज्ञान में लेते हुये प्रदेश के नागरिकों को राज्य के विकास में सहयोगी व सहभागी बनाते हुये गर्व की भावना को विकसित करना है। इस मौके पर अन्य उपस्थित प्रबुद्धजनों मेजर श्री आशीष शाक्य से0नि0, आर्मी मेडिकल ऑफीसर, डा0 श्री शिवपाल सिंह जादौन से0नि0, वैज्ञानिक, रिमोट सेन्सिग अप्लीकेशन सेंटर लखनऊ तथा श्री देवेन्द्र से0नि0, मुख्य अभियंता यू0पी0पी0सी0एल द्वारा अपने-अपने विचार साझा किये गये।
इस मौके पर जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश@2047 अभियान की परिकल्पना को साकार करने हेतु शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं प्रबुद्धजनों के आगमन पर धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि चर्चा के दौरान प्राप्त सुझावों पर आपके द्वारा जो मार्ग दर्शन प्रदान किया गया है। उसके आधार पर जनपद हेतु तैयार कार्ययोजना को शासन को प्रस्तुत किया जायेगा। जिससे वर्ष 2047 की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा।
इस मौके पर विजन डॉक्यूमेंट 3 थीम एवं 12 सेक्टर की सार्थकता को नई राह और दिशा प्रदान करने हेतु औद्योगिक विकास, आई०टी० एवं इमर्जिंग प्रोद्योगिकी, पर्यटन, नगर एवं ग्राम्य विकास तथा कृषि एवं सम्बद्ध विभाग (कृषि, उद्यान, मत्स्य, सिंचाई, पशुपालन एवं डेयरी) के विभागीय अधिकारियों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई और योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने/संचालन पर आने वाली समस्याओं तथा उन समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों के अलावा उद्यमियों, एफपीओ संस्थापक, उत्कृष्ट कृषक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष, डिप्टी जनरल मेनेजर वीमेन एसोसिएशन आदि लोगों से सुझाव प्राप्त किए गए। चर्चा के दौरान प्रबुद्धजनों ने जानकारी की की कोई ऐसी योजना किसी विभाग में संचालित तो नहीं हो रही हैं जो वर्तमान में अनुपयोगी हो और विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को सम्मिलित किए जाने की आवश्यकता तो नहीं है के संबंध में जानकारी कर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा विकसित उत्तर प्रदेश का मुख्य विजन यह है कि इस प्रकार की कार्य योजना तैयार हो कि अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके और जो गैप है उसे दूर किया जा सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि विजन 2047 को साकार करते हुए सुझावों के आधार पर राज्य के विकास की दीर्घकालिक रणनीति तय की जाएगी और पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकेगा।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, प्रभागीय वनाधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता विद्युत तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहें।





