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हरीश द्विवेदी का भाजपा संगठन में बढ़ा कद, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी नियुक्त

लखनऊ/बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती से लोकसभा सदस्य रह चुके हरीश द्विवेदी का भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय संगठन में लगातार कद बढ़ता जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में राष्ट्रीय महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद अब पार्टी ने उन्हें एक और अहम दायित्व सौंपा है। हरीश द्विवेदी को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का राष्ट्रीय प्रभारी नियुक्त किया गया है।
भाजपा ने गुरुवार को संगठनात्मक स्तर पर सात राष्ट्रीय प्रभारियों के नामों की घोषणा की। इन नियुक्तियों में हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पूनिया को अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा का राष्ट्रीय प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी की ओर से अलग-अलग मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति को संगठन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय महामंत्री के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी
हरीश द्विवेदी को हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था। राष्ट्रीय महामंत्री का पद पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बाद अब युवा मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी के रूप में उनकी नियुक्ति ने पार्टी के केंद्रीय संगठन में उनकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया है।
हरीश द्विवेदी लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। बस्ती से लोकसभा सांसद के रूप में उन्होंने संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर संगठन के भीतर उनके अनुभव और कार्यक्षमता पर भरोसा जताया है।
युवा मोर्चा भाजपा के संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देशभर के युवा कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने, उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय करने और युवा वर्ग के बीच पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को पहुंचाने में मोर्चे की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में हरीश द्विवेदी को इसकी राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलना उनके संगठनात्मक कद में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी मानी जा रही है।
सात राष्ट्रीय प्रभारियों की नियुक्ति
भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को सात राष्ट्रीय प्रभारियों के नाम घोषित किए। पार्टी संगठन के अलग-अलग मोर्चों को सक्रिय और मजबूत करने के लिए इन नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा और राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को एसटी मोर्चा का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया है।
संगठन में मोर्चों की भूमिका केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती। भाजपा विभिन्न सामाजिक वर्गों और आयु समूहों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए इन मोर्चों के माध्यम से लगातार कार्यक्रम आयोजित करती है। राष्ट्रीय प्रभारियों पर संबंधित मोर्चों के संगठनात्मक विस्तार, गतिविधियों के समन्वय और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को राज्यों तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
युवा मोर्चा के सामने कई चुनौतियां
युवा मोर्चा भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण संगठनात्मक मंच है। देश की बड़ी युवा आबादी को पार्टी से जोड़ना, युवाओं के मुद्दों को समझना और संगठन में नई पीढ़ी के नेतृत्व को तैयार करना मोर्चे की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
हरीश द्विवेदी के सामने अब राष्ट्रीय स्तर पर युवा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने और संगठन को राज्यों में और सक्रिय करने की चुनौती होगी। अलग-अलग राज्यों में युवा वर्ग की प्राथमिकताएं और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में युवा मोर्चे को मजबूत करने के लिए व्यापक संगठनात्मक रणनीति तैयार करना उनके नए दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
सतीश पूनिया को एसटी मोर्चे की जिम्मेदारी
भाजपा ने राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को एसटी मोर्चा का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया है। संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है। एसटी मोर्चे की जिम्मेदारी भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अनुसूचित जनजाति समुदाय देश के कई राज्यों में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक भूमिका निभाता है।
पार्टी की ओर से अलग-अलग मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति के जरिए संगठन के विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संपर्क और गतिविधियों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
बस्ती से दिल्ली तक बढ़ा राजनीतिक प्रभाव
हरीश द्विवेदी की नई जिम्मेदारी को बस्ती के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बस्ती से लोकसभा सदस्य के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले हरीश द्विवेदी अब भाजपा के केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रीय महामंत्री के बाद युवा मोर्चा के प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उनकी संगठनात्मक भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने से यह संकेत मिलता है कि केंद्रीय नेतृत्व उनके संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता को महत्व दे रहा है।
नई टीम में संगठन पर फोकस
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा संगठन में नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों का सिलसिला जारी है। नई टीम में विभिन्न स्तरों पर नेताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जा रहे हैं। इसी क्रम में सात राष्ट्रीय प्रभारियों की नियुक्ति भी संगठन को व्यवस्थित करने और अलग-अलग मोर्चों की गतिविधियों को गति देने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
हरीश द्विवेदी की नियुक्ति खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री के साथ युवा मोर्चे की जिम्मेदारी भी मिली है। इससे पार्टी के केंद्रीय संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है।
अब हरीश द्विवेदी के सामने युवा मोर्चे को देशभर में और प्रभावी बनाने, नए युवा कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने तथा पार्टी की युवा केंद्रित गतिविधियों को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। उनकी नई भूमिका पर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय संगठन की भी नजर रहेगी।





