उत्तर प्रदेश

Hamirpur: किसानों ने सड़क पर किया हंगामा

Admindelhi1
10 Sept 2025 6:37 PM IST
Hamirpur: किसानों ने सड़क पर किया हंगामा
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हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बा और आसपास के गांवों में खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। फसल की बुआई का समय शुरू होने के बावजूद खाद का पर्याप्त वितरण न होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कर्णवीर सिंह ने किसानों से बात कर उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें कथित तौर पर एसडीएम द्वारा किसानों को झापड़ मारकर पेशाब छुटा देने की बात कही गई है। स्थानीय किसानों ने बताया कि मंगलवार सुबह पीसीएफ समिति में खाद आने की सूचना मिलते ही वे लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हो गए। लेकिन समिति में खाद वितरण शुरू होते ही समय समाप्त होने लगा। इससे आक्रोशित किसान ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर लंबी-लंबी लाइने लग गईं। किसान रामदयाल प्रजापति ने कहा, हर साल फसल के सीजन में खाद की कमी के कारण हम जाम लगाने को मजबूर होते हैं। प्रशासन से लगातार मांग करते हैं कि समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए। इस बार भी हमारे लिए यही समस्या बनी रही। एक अन्य किसान सुमित्रा देवी ने बताया, च्च्राजनीतिक दलों की सदस्यता दिलाने वाले समाज के ठेकेदार इस बार खाद वितरण के समय गायब नजर आए। ऐसे में हमारे पास केवल आंदोलन का ही विकल्प बचा।

प्रशासन की तत्परताउपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह ने बताया कि उन्हें जाम की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर भेजा गया और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता किसानों की समस्या का तुरंत समाधान करना है। हर साल फसल सीजन में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हम प्रशासनिक इंतजाम पहले ही कर लेते हैं।

समस्या कोई नई नहींस्थानीय लोगों का कहना है कि खाद की समस्या मौदहा क्षेत्र में कोई नई नहीं है। फसल के सीजन में कृषक लगातार खाद की कमी से जूझते हैं और कई बार जाम लगाकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने लाने को मजबूर होते हैं। तीन दिवसीय घटनाक्रम के बाद प्रशासन और किसान दोनों ने इस मुद्दे पर आगे बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता महसूस की, ताकि आने वाले सीजन में खाद की आपूर्ति सुचारू रूप से हो और किसानों को फसल बुआई में कोई बाधा न आए।

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